किस उम्र में कौन-सा हेल्थ टेस्ट? डॉक्टर की गाइड बता रही है जान बचाने वाली जांचें
20 से 40 साल की उम्र में कामकाजी जिंदगी का दबाव और जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ता है, लेकिन इसी दौर में health checkup को सबसे ज्यादा नजरअंदाज किया जाता है। डॉ. आर.एस. मिश्रा, मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी, साकेत में इंटरनल मेडिसिन के प्रमुख, चेतावनी देते हैं कि यही वह उम्र है जब छुपी बीमारियां शुरू हो सकती हैं — और नियमित screening उन्हें समय रहते पकड़ सकती है।
20 के दशक में annual checkup में ब्लड प्रेशर, बीएमआई, कंप्लीट ब्लड काउंट, फास्टिंग ग्लूकोज और लिपिड प्रोफाइल शामिल होने चाहिए। युवा महिलाओं को 21 साल की उम्र से pap smear टेस्ट कराना चाहिए, जो सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने में महत्वपूर्ण है। साथ ही, vaccination जैसे एचपीवी, टीडीएपी और वार्षिक इन्फ्लूएंजा टीके भी जरूरी हैं।
30 के दशक में metabolic risk बढ़ता है। खासकर यदि परिवार में डायबिटीज, उच्च रक्तचाप या कोलेस्ट्रॉल का इतिहास हो, तो नियमित जांच जीवन बचा सकती है। थायरॉइड फंक्शन टेस्ट, मानसिक स्वास्थ्य और नींद की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। महिलाओं को ब्रेस्ट स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए और cervical cancer से बचाव के लिए टीके लगवाने चाहिए।
40 के पार पहुंचते ही लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों का risk बढ़ जाता है। अब एचबीए1सी, लिवर और किडनी के फंक्शन टेस्ट, ईसीजी और लिपिड प्रोफाइल नियमित होने चाहिए। पुरुषों को prostate screening के बारे में डॉक्टर से बात करनी चाहिए, जबकि महिलाओं को नियमित mammography करानी चाहिए।
डॉक्टर कहते हैं कि एक जागरूक दृष्टिकोण से बीमारियों का burden कम हो सकता है। छोटी आदतों जैसे तनाव प्रबंधन, नींद और नियमित lifestyle में सुधार के साथ नियमित जांच लंबे और स्वस्थ जीवन की ओर ले जाती है। टीकाकरण और समय पर detection न सिर्फ जीवन बचाता है, बल्कि इलाज की cost को भी कम करता है।
30 के बाद से ही थायरॉइड चेक कर रहा हूं। early detection जल्दी पता चलना ने काफी मदद की।
बहुत से लोग 40 के बाद भी mammography मैमोग्राफी कराने में डरते हैं, लेकिन यह जांच जानलेवा हो सकती है।
क्या हर 10 साल में टीडीएपी बूस्टर लगवाना वाकई जरूरी है? डॉक्टर कहते हैं हां, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं।
पैप स्मीयर टेस्ट के बारे में जागरूकता कम है। public awareness जन जागरूकता बढ़ानी चाहिए।
जांचों की frequency आवृत्ति और लागत एक बड़ा मुद्दा है। क्या सरकार इसे सस्ता कर सकती है?
20 की उम्र में तो लगता है सब ठीक है, लेकिन lifestyle factors जीवनशैली के कारक अब जल्दी असर दिखा रहे हैं।