35 के बाद महिलाओं के लिए ये 7 टेस्ट हैं जरूरी, एक्सपर्ट ने बताए खतरों से बचने के उपाय

35 साल की उम्र पार करते ही महिलाओं के शरीर में कई biological change शुरू हो जाते हैं। घर और नौकरी की भागदौड़ में अपनी सेहत को पीछे छोड़ देना आम है, लेकिन अब वक्त आ गया है कि इस आदत को बदला जाए। डॉ. मन्नान गुप्ता, नई दिल्ली के एलेंटिस हेल्थकेयर में महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञ, का कहना है कि इस उम्र के बाद नियमित जांच early detection की कुंजी है, जो गंभीर बीमारियों को रोकने में मदद कर सकती है।

पहला जरूरी टेस्ट है hormonal balance । एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और FSH के स्तर की जांच से पता चलता है कि menstrual cycle सही है या नहीं, गर्भधारण की fertility कैसी है, और क्या शरीर menopause की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा, यह टेस्ट मूड में आए उतार-चढ़ाव के पीछे के कारणों को भी समझने में मदद करता है।

थायरॉइड फंक्शन की जांच भी अत्यंत आवश्यक है। थकान, अचानक वजन बढ़ना या घटना जैसे लक्षण warning sign हो सकते हैं। T3, T4 और TSH के टेस्ट से पता चलता है कि थायरॉइड ग्रंथि properly काम कर रही है या नहीं। इसके अलावा, lipid profile दिल की सेहत के लिए जरूरी है—यह HDL, LDL और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को मापता है और heart disease के जोखिम को पहचानता है।

आयरन की कमी भी महिलाओं में आम है। fatigue और कमजोरी के पीछे अक्सर एनीमिया होता है। हीमोग्लोबिन और आयरन के लेवल की जांच करने वाला पैनल इसे पकड़ सकता है। इसी तरह, inflammation को मापने वाला सी-रिएक्टिव प्रोटीन (CRP) टेस्ट शरीर के अंदर की silent risk को उजागर करता है, जो भविष्य में गठिया या दिल की बीमारी का कारण बन सकते हैं।

35 के बाद हड्डियों की मजबूती को बनाए रखना और immune system को सक्रिय रखना जरूरी होता है। विटामिन डी, बी12 और कैल्शियम की जांच इसकी पुष्टि कर सकती है। अंत में, लिवर फंक्शन टेस्ट यह जांचता है कि क्या आपका लिवर, जो शरीर का natural filter है, सही तरह से काम कर रहा है। यह सुनिश्चित करता है कि आपका शरीर विषाक्त पदार्थों से साफ रहे।

टिप्पणियाँ 6

  • प्रिया_जी

    मैंने 36 की उम्र में ये सभी टेस्ट करवाए थे। CRP टेस्ट में slight inflammation पकड़ी गई थी, जिससे मैंने डाइट और एक्सरसाइज बदली। आज बहुत बेहतर महसूस करती हूं।

  • अमित_सर

    महिलाओं की सेहत के लिए ये जानकारी बहुत valuable है। हम पुरुषों को भी अपनी पत्नियों और मां को इन टेस्ट के लिए प्रेरित करना चाहिए।

  • डॉ_शर्मा

    हार्मोनल बैलेंस और थायरॉइड routine check वाकई जरूरी है। कई मरीज तब आते हैं जब समस्या गहरी हो चुकी होती है।

  • सोनम_एम

    क्या इन सभी टेस्ट्स की medical cost बहुत ज्यादा होती है? कुछ लोगों के लिए ये आर्थिक बोझ भी हो सकता है।

  • नीतू_वाला

    मैं हमेशा सोचती थी कि जब तक तकलीफ न हो, टेस्ट क्यों करवाऊं? अब समझ आ रहा है कि preventive care कितनी जरूरी है।

  • राजेश_के

    अच्छी जानकारी, लेकिन क्या ये सभी टेस्ट every year कराने चाहिए या सिर्फ एक बार? कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश है?