डेंगू वैक्सीन भारत: डेंगू से मिलेगी राहत, पहली वैक्सीन को मिली मंजूरी, पूरी खबर डिटेल में पढ़ें
हर साल मानसून के बाद डेंगू का risk तेजी से बढ़ जाता है, और इस बीमारी के मामलों में लगातार increase दर्ज की जा रही है। लेकिन अब भारत के लिए एक बड़ी relief की खबर सामने आई है: देश को पहली डेंगू वैक्सीन, TAK-003 (Qdenga), के उपयोग की अनुमति मिल गई है। यह decision न केवल लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के मोर्चे पर एक ऐतिहासिक कदम भी माना जा रहा है।
सरकारी आंकड़े चिंता का संकेत देते हैं। 2020 में लगभग 44,000 मामले थे, लेकिन 2023 और 2024 में यह संख्या बढ़कर 2.3 लाख से अधिक हो गई। नवंबर 2025 तक 1.13 लाख से ज्यादा नए cases रजिस्टर हो चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि असली संख्या इससे भी अधिक हो सकती है, क्योंकि कई infections अनदेखे रह जाते हैं।
इस वैक्सीन को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की विशेषज्ञ समिति ने 4 से 60 वर्ष की age group के लिए मंजूरी दी है। जापान की टाकेडा फार्मास्युटिकल कंपनी द्वारा विकसित यह वैक्सीन चारों प्रकार के डेंगू वायरस से protection देने में सक्षम है और उन लोगों को भी दी जा सकती है जिन्हें पहले डेंगू हुआ हो या न हुआ हो। यह दो डोज में दी जाती है, जिनके बीच तीन महीने का अंतर होता है। क्लीनिकल परीक्षणों में यह लगभग चार साल तक प्रभावी रहने की पुष्टि हुई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस वैक्सीन को उन क्षेत्रों में उपयोग करने की recommendation की है जहां डेंगू का खतरा अधिक रहता है। भारत में इसका उत्पादन हैदराबाद की बायोलॉजिकल ई. लिमिटेड के साथ साझेदारी में किया जाएगा। इससे न केवल availability बेहतर होगी, बल्कि कीमत भी काफी हद तक कम होने की expectation है।
हालांकि, विशेषज्ञ स्पष्ट कर रहे हैं कि वैक्सीन complete solution नहीं है। मच्छरों से बचाव, साफ-सफाई और समय पर इलाज अभी भी उतना ही जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि वैक्सीन एक मजबूत tool है, लेकिन public awareness और निरंतर सावधानी के बिना इसका पूरा लाभ नहीं मिल सकता।
इस वैक्सीन की कीमत कितनी होगी? अगर महंगी हुई तो common people आम आदमी के लिए बेकार है।
हर साल बच्चों को डेंगू का डर लगा रहता है। अब थोड़ी मानसिक शांति मिलेगी।
सरकार को इसे आम जनता तक affordable access कम कीमत पर पहुंच दिलाने का इंतजाम करना चाहिए।
बहुत अच्छी खबर, लेकिन मच्छरों के प्रकोप पर नियंत्रण के बिना वैक्सीन भी temporary relief अस्थायी राहत है।
लोगों को यह न समझना चाहिए कि वैक्सीन लगवाने के बाद घर के आसपास पानी जमा करना ठीक है। रोकथाम अभी भी सबसे जरूरी है।
हैदराबाद में उत्पादन होगा? यह बहुत बड़ी बात है। इससे local production स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।