गाजियाबाद में डेंगू-मलेरिया के खिलाफ रविवार को चलेगा विशेष अभियान
गाजियाबाद में इस बार डेंगू-मलेरिया के खिलाफ अभियान में तेजी आई है। स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेष रणनीति तैयार की है, जिसके तहत पहली बार अवकाश के दिन रविवार को भी सघन campaign चलाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य मच्छरों के प्रजनन को रोकना है, जो इन diseases के प्रमुख वाहक हैं।
विभाग की टीमें घर-घर जाकर एसी, कूलर और flower pots में जमा पानी की सफाई सुनिश्चित करेंगी। जहां larvae मिलेगा, वहां fines लगाने का प्रावधान है। यह strict action पिछले वर्षों में डेंगू के 3939 और मलेरिया के 185 मामले दर्ज होने के मद्देनजर की गई है।
इसके अलावा, नगर निगम के councillors और गांव के village heads के साथ मिलकर निगरानी समितियां गठित की जाएंगी। ये समितियां प्रत्येक रविवार को सुबह से शाम तक क्षेत्र में cleanliness अभियान चलाएंगी, जमा पानी की निकासी करवाएंगी और fogging के लिए रोस्टर तैयार करेंगी।
मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों में आने वाले लोगों को awareness दी जाएगी। उन्हें मच्छरों से बचाव के उपाय, खासकर ठहरे पानी की regular cleaning , के बारे में बताया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जन-जागरूकता और strict monitoring मिलकर ही महामारी को रोका जा सकता है।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने कहा कि तालाबों की सफाई और insecticide spraying पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। जहां मच्छरों का infestation अधिक है, वहां नगर निकायों के सहयोग से लक्षित fogging की जाएगी। यह एक comprehensive दृष्टिकोण है, जो न सिर्फ उपचार पर बल्कि रोकथाम पर भी केंद्रित है।
अंत में कोई strict action सख्त कार्रवाई तो हुई। गर्मियों में हर साल यही disease बीमारी फैलती है, लेकिन अब तक कोई response प्रतिक्रिया नहीं थी।
घर-घर checking जांच अच्छी बात है, लेकिन क्या वाकई fines जुर्माने वसूले जाएंगे? पहले भी ऐसे announcements घोषणा हुई थीं, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
जनता को awareness जागरूकता देना बहुत जरूरी है। लोगों को पता नहीं कि छोटे water collection पानी के जमाव में भी डेंगू मच्छर पैदा हो सकते हैं।
रविवार को अभियान? ये smart move स्मार्ट मूव है। तब ज्यादातर लोग घर पर होते हैं, तो inspection निरीक्षण आसान होगा।
क्या इस campaign अभियान में malaria मलेरिया सच में फोकस में है? ज्यादातर ध्यान डेंगू पर ही लगता है।
सफाई और फॉगिंग तो ठीक है, लेकिन long-term solution दीर्घकालिक समाधान क्या है? बारिश के बाद जलभराव रोके बिना ये सब temporary अस्थायी है।