उदयबीर संधू: 'मैं पहली पसंद था, पर बाजी दिलजीत ले गए', अभिनेता ने बयां किया 'चमकीला' हाथ से निकलने का दर्द और संघर्ष
अभिनेता उदयबीर संधू ने हाल ही में एक emotional खुलासा किया है: वह फिल्म 'अमर सिंह चमकीला' के lead role के लिए पहली पसंद थे, लेकिन फिर भी वह भूमिका उन्हें नहीं मिली। उन्होंने बताया कि उनका dream था कि वे चमकीला के रूप में दर्शकों के सामने आएं, लेकिन निर्देशक इम्तियाज अली का vision अलग था — वे चाहते थे कि एक असली गायक इस भूमिका में आए।
उदयबीर ने बताया कि उन्होंने इस किरदार के लिए लंबे समय तक research किया, चमकीला की बातचीत, उनके mannerisms और जीवनशैली को समझने की कोशिश की। उनका ऑडिशन इतना impressive था कि मेकर्स ने उन्हें पहली पसंद घोषित कर दिया था। लेकिन फिर भी, जब दिलजीत दोसांझ को final choice बनाया गया, तो उदयबीर को crushing कर देने वाला दर्द हुआ।
इसके बावजूद, उनकी मेहनत रंग लाई। इम्तियाज अली उनके performance से इतने प्रभावित थे कि उन्होंने उदयबीर को फिल्म में पंजाबी गायक शिंदा की भूमिका दी। यह एक significant किरदार था, जिसने उन्हें दर्शकों के बीच recognition दिलाई। उदयबीर का मानना है कि यह setback उनके लिए एक मोड़ बनी — जो दरवाजा बंद हुआ, उसी ने एक नया खोल दिया।
27 वर्षीय अभिनेता का कहना है कि struggle कलाकार को जमीन से जोड़े रखता है। उन्होंने कहा, "अगर आपको शुरुआत में ही सब कुछ मिल जाए, तो आप effort करना बंद कर देते हैं।" उनके लिए, 'चमकीला' का अनुभव एक lesson थी — निराशा के बाद भी, opportunity तलाश लेना चाहिए। आज, वे 'धुरंधर: द रिवेंज' में अपने किरदार 'पिंडा' के लिए तारीफें बटोर रहे हैं, जो उनकी dedication का नतीजा है।
ये सच है कि दिलजीत एक गायक हैं, लेकिन उदयबीर की commitment निष्ठा देखकर लगता है कि वो भी कर सकते थे।
इम्तियाज अली का creative risk रचनात्मक जोखिम कभी-कभी बहुत अजीब होता है।
जब एक rejection अस्वीकृति आपको बेहतर भूमिका दिलाए, तो यही है किस्मत।
उदयबीर ने शिंदा का किरदार इतने authentic प्रामाणिक तरीके से निभाया कि लगा जैसे वो खुद शिंदा हों।
27 साल में इतना experience अनुभव — यही तो असली ताकत है।
क्या हमेशा गायक को ही गायक की भूमिका में लेना necessary आवश्यक है? कभी-कभी एक अच्छा अभिनेता सब कुछ निभा सकता है।
अगर मेरा role रोल चला जाता, तो मैं टूट जाता। उदयबीर का दिमाग मजबूत है।