प्याज जेब में रखने से लू नहीं लगती? विज्ञान क्या कहता है
गर्मी के मौसम में लू से बचने के लिए जेब में प्याज रखने की सलाह आज भी कई घरों में सुनाई देती है। यह विश्वास कई पीढ़ियों से चला आ रहा है, और अब तो केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के हाथ में onion लिए भाषण देने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। उन्होंने इसे अपना protection कहा। कहा जाता है कि प्याज आसपास की heat को सोख लेता है और इंसान को लू से बचाता है। लेकिन क्या यह दादी-नानी का नुस्खा सच में काम करता है, या बस एक भ्रम है?
मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि जेब में प्याज रखने से लू से protection नहीं होता। डॉक्टर्स के अनुसार, body का आंतरिक तापमान बढ़ने पर लू लगती है, और इससे बचने के लिए हाइड्रेशन और शरीर को ठंडा रखना जरूरी है। मायो क्लिनिक के अनुसार, इलेक्ट्रोलाइट्स और पानी की आवश्यकता होती है, न कि जेब में प्याज की। प्याज में पानी और सल्फर होता है, लेकिन वह air की गर्मी को फिल्टर नहीं कर सकता। यह नुस्खा केवल एक प्लेसिबो इफेक्ट हो सकता है — जहां विश्वास से मानसिक राहत मिले, लेकिन वास्तविक सुरक्षा नहीं।
दिल्ली के सीके बिरला अस्पताल के डॉ. अमित प्रकाश सिंह कहते हैं, 'जेब में प्याज रखने से लू से बचाव नहीं होता — यह एक आम myth है।' अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के डॉ. संचयन रॉय सीनियर कहते हैं कि प्याज में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो खाने पर फायदेमंद होते हैं, लेकिन जेब में रखने पर नहीं। गुड़गांव के मैक्स हॉस्पिटल के डॉ. मनजिंदर संधू कहते हैं कि शरीर के temperature को नियंत्रित करने का एकमात्र तरीका हाइड्रेशन और छाया में रहना है। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला भी कहते हैं कि यह नुस्खा अंधविश्वास है और प्याज का असली फायदा eating में है।
सच यह है कि प्याज खाने से लू से बचने में वास्तविक मदद मिल सकती है। हेल्थलाइन की रिसर्च के अनुसार, कच्चा प्याज क्वार्सेटिन देता है, जो गर्मी से होने वाली सूजन को reduce करता है। इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स भी होते हैं, जो balance बनाए रखते हैं। डॉक्टर्स बताते हैं कि लू से बचने के लिए पानी, नींबू पानी, छाछ और ORS के साथ-साथ diet में कच्चा प्याज शामिल करना चाहिए। प्याज को जेब में न रखें, बल्कि salad में खाएं।
अब जब आप जानते हैं कि जेब में प्याज रखना वैज्ञानिक रूप से असफल है, तो सवाल यह उठता है: क्यों इतने लोग इस पर विश्वास करते हैं? शायद इसके पीछे भावनात्मक सुरक्षा की भावना है। लेकिन डॉक्टर्स चेतावनी देते हैं कि ऐसे मिथकों पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। गर्मी में सीधी धूप से बचना, सिर ढकना और fluids का सेवन जारी रखना ही वास्तविक सुरक्षा है। वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं — न कि भ्रमों को।
मैंने बचपन में दादी कहती थीं कि प्याज लू से बचाता है। अब पता चला कि ये सिर्फ belief विश्वास था।
जेब में प्याज? ये किस तरह का logic तर्क है? गर्मी में पानी पीना और छाया में रहना ही बेहतर है।
प्याज खाने से शरीर को ठंडक जरूर मिलती है, लेकिन जेब में रखने से कैसे?
अगर ये नुस्खा काम करता, तो गर्मी में कोई भी किसान लू से नहीं मरता।
इस तरह के myths मिथक खतरनाक हो सकते हैं। लोग असली सावधानियां भूल जाते हैं।
चाहे जेब में न रखूं, पर कच्चा प्याज तो खाऊंगा ही। स्वाद और health स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहतर।
गर्मी में शरीर को ठंडा रखना सबसे बड़ी चुनौती है।
लोगों को डॉक्टर्स की सलाह पर भरोसा करना चाहिए, न कि अफवाहों पर।