5 करोड़ का डायनासोर बैग: विज्ञान ने फैशन को खा लिया, या फैशन ने विज्ञान को अपना डिजाइन बना लिया?
fashion की दुनिया में ओब्सेशन कभी-कभी reality से आगे निकल जाता है। लेकिन जब विज्ञान इस जुनून में शामिल हो जाए, तो परिणाम कुछ ऐसा बनता है जिस पर विश्वास करना मुश्किल हो जाता है। अब दुनिया का सबसे expensive हैंडबैग, जिसकी शुरुआती कीमत 5 करोड़ रुपये है, बना दिया गया है — actual dinosaur के जीवाश्म से निकाले गए कोलेजन से। यह न केवल एक लक्जरी आइटम है, बल्कि वैज्ञानिक उपलब्धि भी है।
साइंस फिक्शन नहीं, अब ये साइंस फैक्ट है। लेब में उगाया गया चमड़ा अब डायनासोर के आनुवंशिक पदार्थ से बन रहा है? ये जो future भविष्य आया है, वो past अतीत के साथ मिल गया है।
5 करोड़ में एक बैग? मेरे बेटे की education पढ़ाई हो जाए। और वो भी डायनासोर की खाल से? कहीं वो खुद न उठकर बैग को खा जाए।
इसे नवाचार नहीं, अपमान कहूँगा। प्राचीन जीवन का अवशेष हमारे फैशन स्टेटमेंट बन गया? ये नैतिकता के सवाल उठाता है।
लोग इसे चाल कहेंगे, लेकिन ये जैव प्रौद्योगिकी की मील का पत्थर है। T-Rex के कोलेजन को वापस लाना — ये पुनरुत्थान की ओर पहला कदम हो सकता है।
मैंने सुना था 'खतरनाक फैशन', लेकिन ये तो सचमुच खतरनाक है। अगली बार नीलामी में डायनासोर का दहाड़ता हुआ बैग? #TrexTax
जीवाश्म से प्रोटीन का टुकड़ा निकालकर भेड़ की कोशिका में डाला गया? ये आनुवंशिक इंजीनियरिंग नहीं तो और क्या है? असली सवाल ये है कि क्या ये leather चमड़ा वाकई डायनासोर मूल का है?
मेरा चमड़े का बैग 2000 रुपये में आया था। अब लगता है, मेरे पास भी कोई जीवाश्म छिपा होगा। अगली बार कबाड़ में डायनो बैग बनाने का मौका आएगा?
क्या सच में जीवाश्मीकृत कोलेजन 6.6 करोड़ साल बाद भी काम कर सकता है? ये वैज्ञानिक दावा बहुत असामान्य है। कम से कम सहकर्मी-समीक्षित अध्ययन तो दिखाओ।