आउट थे या सिक्स? फिन एलन के विकेट पर बवाल — क्या राठी का कैच था वैध?

विवाद फिर आईपीएल में नाटक की तरह भड़क उठा है। कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच चल रहे मैच में फिन एलन के आउट होने के तरीके पर सोशल मीडिया आग बबूला हो गया है। बाउंड्री के पास खड़े लखनऊ के fielder दिग्वेश राठी ने एलन का catch लपका, लेकिन सवाल उठ रहा है — क्या वह वाकई में सीमा रेखा के भीतर था?

मैच के दूसरे ओवर की बात है। फिन एलन ने प्रिंस यादव की गेंद पर आक्रामक शॉट लगाया, जो थर्ड-मैन की ओर बढ़ी। राठी ने लपकने के लिए कूदा, लेकिन जैसे-तैसे संतुलन बनाए रखा। मगर वीडियो फुटेज में साफ देखा गया कि उसका left foot , बाउंड्री रोप को छू रहा था। rules के मुताबिक, अगर कोई फील्डर सीमा रेखा को छूता है, तो कैच अमान्य हो जाता है और बल्लेबाज not out होता है।

समस्या यह है कि ग्राउंड अंपायरों ने थर्ड अंपायर को refer करना जरूरी नहीं समझा। कोई review नहीं हुई, कोई एंगल नहीं दिखाया गया। यहां तक कि टिप्पणीकार भी हैरान थे। एक हिंदी कमेंटेटर ने सीधे कहा, "राठी का पैर स्पष्ट रूप से रस्सी को छू रहा था।" यह बस एक गलत फैसला नहीं, बल्कि भरोसे का संकट भी है।

फैंस ने सोशल मीडिया पर बाढ़ ला दी। कई यूजर्स का कहना है कि अगर technology है, तो उसका उपयोग सही फैसला लेने के लिए क्यों नहीं किया गया? एलन के आउट होने से केकेआर की गति धीमी पड़ गई। अगर वह रहते, तो मैच का रुख बदल सकता था। अब सवाल यह नहीं कि एलन आउट थे या नहीं, बल्कि यह है कि अंपायरों ने उचित प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई?

इस मामले ने फिर से उसी बहस को तेज कर दिया है जो डेविड मिलर के मामले में शुरू हुई थी — क्या अंपायरिंग के मानक गिर रहे हैं? क्या डीआरएस सिर्फ नाम के लिए है? आईपीएल एक उच्च-प्रोफाइल लीग है, जहां हर decision का impact नजर आता है। ऐसे में एक स्पष्ट गलती स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।

अब टूर्नामेंट अधिकारियों को इस मामले पर स्पष्टीकरण देने की जरूरत है। यह नहीं कि एलन को वापस बुला लिया जाए, लेकिन कम से कम यह मान लें कि मानवीय गलती हुई। वरना, धीरे-धीरे दर्शकों का विश्वास खेल के निष्पक्षता में डगमगाने लगेगा। मैच खत्म हो सकता है, लेकिन विवाद नहीं।

टिप्पणियाँ 8

  • रनरेसर

    सीधी लूट थी यह। राठी का पैर रस्सी को साफ छू रहा था। अंपायर ने आँखें बंद करके आउट दे दिया। शर्मनाक है।

  • मैचकार

    देखो, फिन एलन तो बड़े शॉट लगाकर risk ले रहे थे, लेकिन फिर भी नियम नियम होता है। अगर सीमा छू गई, तो कैच नहीं माना जाएगा। कोई अपवाद नहीं

  • खेलबाज़

    मैंने दस बार वीडियो देखा। left toe रस्सी के ठीक ऊपर थी। थर्ड अंपायर को शामिल किए बिना ऐसा फैसला लेना आलसी अंपायरिंग है।

  • गेंदबाज़99

    कमेंटेटर ने सीधे कह दिया — पैर छू गया। फिर भी कोई समीक्षा नहीं? आईपीएल में इतना पैसा लगा है, फिर भी फैसले इतने लापरवाह?

  • लखनऊवाला

    भई, राठी ने बहुत मेहनत से कैच लिया। अगर थोड़ा सा छू गया, तो क्या हुआ? जीतने के लिए छोटी गलतियां होती हैं।

  • नीलामल्लाह

    मैच खत्म हो गया, लेकिन विवाद नहीं। उदाहरण बन गया है। अगली बार any fielder जानबूझकर बाउंड्री छूकर कैच ले लेगा। भविष्य का खतरा है।

  • चौकामार

    अब यही सवाल — अगर अब नहीं, तो when तकनीक का इस्तेमाल करोगे? एक सीधा फैसला था, फिर भी नजरअंदाज

  • क्रिकफैन_आर

    मैं केकेआर का फैन नहीं हूँ, लेकिन यह गलत था। खेल की भावना भी मायने रखती है। जब सबूत साफ है, तो नैतिक फैसला लेना चाहिए।