रॉयल एनफील्ड की पहली इलेक्ट्रिक बाइक आ गई: 3.7 सेकंड में 60 किमी, कीमत 1.99 लाख से शुरू
रॉयल एनफील्ड ने अपने विरासत को इलेक्ट्रिक दुनिया में ले जाने का बड़ा कदम उठाया है। ऐतिहासिक ब्रांड ने आखिरकार अपनी पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल फ्लाइंग फ्ली C6 को भारत में लॉन्च कर दिया है — और यह केवल एक नई गाड़ी नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है। ब्रांड ने कहा है कि यह न केवल आधुनिक technology की ताकत दिखाता है, बल्कि 1940 के दशक की ओरिजिनल हल्की डिज़ाइन की याद भी जगाता है।
फ्लाइंग फ्ली C6 एक नियो-विंटेज डिज़ाइन के साथ आती है जो क्लासिक दिखती है, लेकिन अंदर से पूरी तरह से modern है। इसे दैनिक उपयोग के लिए बनाया गया है, जिसमें कनेक्टेड टेक्नोलॉजी का भी समावेश है। मोटरसाइकिल के मुख्य भाग में 3.91 kWh का लिथियम-आयन बैटरी पैक लगा है, जो एयर-कूल्ड है और पहली बार इस सेगमेंट में मैग्नीशियम मिश्र धातु केसिंग में पैक किया गया है — जो भार कम करता है और टिकाऊपन बढ़ाता है।
प्रदर्शन की बात करें तो C6 के स्थायी चुंबक मोटर लगभग 20.6 hp की power और 60 Nm का टॉर्क पैदा करती है। यह सिर्फ 3.7 सेकंड में 0 से 60 kmph की speed पकड़ लेती है, और इसकी अधिकतम गति 115 kmph तक है। इंटरनेशनल ड्राइविंग साइकिल (IDC) के अनुसार, एक फुल चार्ज पर यह range 154 किलोमीटर देती है। बैटरी को 0 से 100% चार्ज होने में महज 2 घंटे 16 मिनट लगते हैं, जबकि 20 से 80% तक चार्ज होने में केवल 65 मिनट लगते हैं।
मूल्य निर्धारण भी रणनीतिक लगता है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 2.79 लाख रुपये है। लेकिन जिन ग्राहकों को बैटरी की चिंता नहीं करनी है, उनके लिए कंपनी ने 'बैटरी-एज-ए-सर्विस' मॉडल का विकल्प दिया है, जिसकी कीमत 1.99 लाख रुपये है। इसका मतलब है कि आपको बैटरी खरीदने की जरूरत नहीं, और आप बस उपयोग के लिए भुगतान करते हैं। यह सदस्यता मॉडल भारतीय बाजार में EV के प्रवेश के लिए एक बड़ा जोखिम मिटाने वाला कदम हो सकता है।
फीचर्स में 3.5-इंच का रंगीन टीएफटी टचस्क्रीन डिस्प्ले, USB-C charging , वायरलेस फोन चार्जिंग, इलेक्ट्रॉनिक हैंडलबार लॉक और लोकेशन शेयरिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सुरक्षा के लिए इसमें डुअल-चैनल ABS के साथ तीन सेंसिटिविटी स्तर और स्विच करने योग्य पिछला एबीएस है। साथ में टिल्ट एंगल-सेंसिटिव एबीएस, ट्रैक्शन कंट्रोल, और टिप-ओवर अलर्ट सिस्टम भी दिया गया है।
विज़ुअल अपील में हल्के एल्युमीनियम फ्रेम, 19-इंच के ट्यूबलेस टायर, काले मिश्र धातु व्हील, और दो रंगों — स्टॉर्म ब्लैक और फ्ली ग्रीन में उपलब्धता — इसे देखने में भी आकर्षक बनाते हैं। इसका ग्राउंड क्लीयरेंस 207 mm है और कर्ब weight सिर्फ 124 किलोग्राम है, जो इसे शहर में चलाने के लिए चुस्त बनाता है।
बुकिंग और टेस्ट राइड 10 अप्रैल से बेंगलुरु के जयनगर में स्थित पहले समर्पित शोरूम में शुरू हो गए हैं। डिलीवरी मई के आखिर तक शुरू होने की उम्मीद है। अगले चरण में यह शहर दर शहर लॉन्च की जाएगी। भविष्य में अन्य वेरिएंट भी आ सकते हैं। रॉयल एनफील्ड के लिए यह एक बड़ा बदलाव है — और संभवतः भारतीय टू-व्हीलर बाजार में भी एक बड़ा झटका।
पहली सवारी बेंगलुरु में करी। टॉर्क डिलीवरी तुरंत महसूस होती है — जैसे हवा में छलांग लगा दी हो। हल्के चेसिस के साथ यह शहर की traffic ट्रैफिक में बिल्कुल मजा देती है।
क्या सदस्यता मॉडल सच में काम करेगा? एक तरफ तो कीमत कम लगती है, लेकिन लंबे समय में लागत कैसी होगी? बैटरी बदलाव के खर्चे कौन उठाएगा?
मैं 35 साल से रॉयल एनफील्ड चला रहा हूं। यह नई C6 मेरे दिल के करीब है। क्लासिक डिज़ाइन बरकरार है, लेकिन अब टेक ने जान डाल दी है। बस रेंज थोड़ी कम है।
वायरलेस phone charging फोन चार्जिंग और टिल्ट एंगल एबीएस जैसे फीचर्स अभी तक किसी भारतीय ईवी में नहीं देखे थे। रॉयल एनफील्ड ने सबको पीछे छोड़ दिया है।
154 किमी की दावा की गई रेंज असल जिंदगी में 110-120 किमी तक रहेगी। शहरी सवारी में तो ठीक रहेगी, लेकिन हाईवे कम्यूट के लिए थोड़ी कमजोर है।
0 से 60 किमी प्रति घंटा महज 3.7 सेकंड में? यह तो स्पोर्ट्स बाइक जैसा है। क्या यह कम्यूटर सेगमेंट को ही बदल देगी?
1.99 लाख में 'बैटरी-एज-ए-सर्विस'? यह तो गेम-चेंजर है। लोगों को बैटरी की चिंता नहीं होगी। लेकिन कंपनी की लंबे समय तक चलने वाली स्थिरता पर नजर रखनी होगी।
सीट की height ऊंचाई सिर्फ 823 mm है — इसका मतलब है कि छोटे कद के राइडर्स के लिए भी यह आसान है। फ्ली ग्रीन कलर वेरिएंट बहुत stylish स्टाइलिश लगा।