तेजस्वी ने भाजपा पर साधा निशाना: लालू के बनाए नेताओं के इर्द-गिर्द चल रही राजनीति
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अचानक इस्तीफे के बाद बिहार की नई राजनीतिक स्थिति पर reaction देते हुए भाजपा पर तीखा attack किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का कोई स्वतंत्र existence नहीं रह गया और वह अब लालू प्रसाद यादव की ideology के इर्द-गिर्द ही अपनी राजनीति चला रही है।
तेजस्वी ने criticized करते हुए कहा कि जो दल परिवारवाद की राजनीति पर सवाल उठाता था, आज खुद without struggle और सामाजिक कार्य के लोगों को मंत्री पद दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह नई सरकार जनता द्वारा elected नेताओं पर आधारित नहीं है, बल्कि यह सिर्फ सत्ता का reshuffle है।
उन्होंने नई सरकार को undemocratic बताते हुए कहा कि बिहार की बागडोर अब स्थानीय नेताओं के हाथों में नहीं, बल्कि remote से चलाई जाएगी। इससे राज्य की local leadership की भूमिका कमजोर होगी और फैसले ऊपर से थोपे जाएंगे।
तेजस्वी ने एक और महत्वपूर्ण claim किया कि जो लोग महात्मा गांधी के आदर्शों की बात करते थे, आज वे उनके हत्यारों की विचारधारा वालों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि बापू का नाम लेने वालों का true face अब सामने आ गया है।
तेजस्वी ने जनता से कहा कि वे चुप नहीं बैठेंगे और इस पूरे political maneuver को लेकर जनता की अदालत में जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनता सब watching है और सत्ता के लिए जनादेश का बार-बार disrespect बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब तो सच में राजनीति रिमोट से चल रही है। जनता के choice चुनाव का क्या फायदा अगर नेता जनता ने न चुना हो?
लालूजी के बनाए नेता? भाजपा ने तो खुद कई सालों में अपने leadership नेतृत्व का विकास किया है। यह बयान तो सिर्फ भावनाओं पर खेल रहा है।
गांधी के हत्यारों की विचारधारा वाला तंज ज्यादा भारी पड़ गया। ऐसे अभिव्यक्ति से राजनीति और विभाजित होगी।
जो लोग तेजस्वी की शिक्षा पर सवाल उठाते थे, आज चुप क्यों हैं? बस irony व्यंग्य तो नहीं चल रहा?
क्या बिहार में अब कोई genuine alternative वास्तविक विकल्प बचा है? जनता को लगता होगा कि सभी एक ही रंग के हैं।
गठबंधन टूटना और नई सरकार बनना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन जब public mandate जनादेश को नजरअंदाज किया जाए, तो विरोध तो होगा ही।