ईरान-अमेरिका के बीच युद्धविराम बढ़ा, डोनाल्ड ट्रंप ने किया ऐलान, असीम मुनीर-शहबाज शरीफ का लिया नाम
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ceasefire को आगे बढ़ाने की घोषणा की है, जो ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी diplomatic पहल के रूप में देखी जा रही है। इस फैसले को पाकिस्तान के अनुरोध पर लिया गया है, जो दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए mediation कर रहा है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान की तरफ से कोई आधिकारिक proposal नहीं आती, तब तक अमेरिका की ओर से कोई आक्रामक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
ट्रंप ने अपनी social media पोस्ट में कहा कि ईरान की सरकार deeply विभाजित है, और ऐसे में पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुरोध पर यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के नेता या प्रतिनिधि एकमत होकर कोई समाधान प्रस्तावित नहीं करते, तो अमेरिका अपने रुख में flexibility बरतेगा। इस बीच, अमेरिकी सेना को निर्देश दिया गया है कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य में blockade जारी रखे।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप के फैसले का appreciation की है और कहा कि यह conflict के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बातचीत के जरिए ही समाधान की उम्मीद कर रहा है और इसलिए वह tension कम करने के लिए अपनी पूरी कोशिश जारी रखेगा। इस बीच, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा अब टाल दी गई है, जो कि बातचीत के अगले दौर की तैयारी के तहत थी।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी अमेरिका के इस कदम का welcome किया है। उन्होंने कहा कि यह confidence बनाने और तनाव कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की है कि वे इस मौके का फायदा उठाएं और ऐसे कदम उठाएं, जो peace efforts को मजबूत करें। वैश्विक स्तर पर यह घोषणा एक ऐसे समय आई है जब इस क्षेत्र में लगातार military तैनाती और चेतावनियां जारी थीं।
यह युद्धविराम पहले 8 अप्रैल को हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था, जो लगभग छह हफ्ते तक चला। इसके बाद इस्लामाबाद में 11 अप्रैल को बातचीत हुई, लेकिन वह बिना किसी ठोस परिणाम के खत्म हुई। अब फिर से बातचीत का दौर शुरू करने के लिए window मिला है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच गहरे differences अभी भी बरकरार हैं, लेकिन तनाव कम करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ये सीजफायर कब तक चलेगा? बस temporary अस्थायी राहत है। असली बात तो बातचीत में होगी।
पाकिस्तान ने बहुत बड़ी responsibility जिम्मेदारी निभाई है। असीम मुनीर और शहबाज दोनों को सलाम।
अमेरिका अब दबाव बनाए रख रहा है। नाकेबंदी जारी रखना pressure दबाव बनाए रखने की रणनीति है।
ट्रंप ने timing समय का फायदा उठाया है। अगले चुनाव से पहले शांति का दावा करना चाहते हैं।
संयुक्त राष्ट्र की भूमिका यहां crucial महत्वपूर्ण है। वैश्विक शांति के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं।
क्या ईरान सच में कोई serious गंभीर प्रस्ताव लाएगा? या फिर यह सब नाटक है?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में naval नौसेना की तैनाती अभी भी खतरे का संकेत है।