बाबा साहेब आंबेडकर की नीतियों व सिद्धांतों का करें अनुसरण : पूर्व विधानसभाध्यक्ष
सीवान में डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पखवाड़े के दौरान आयोजित विचार गोष्ठी में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने स्पष्ट किया कि बाबा साहेब की the principles ने आज भी देश के सामाजिक ढांचे पर गहरा impact छोड़ा है। उन्होंने कहा कि हमें उनकी policies का अनुकरण करने की जरूरत है, न कि केवल आदर्शवादी भाषण देने की।
चौधरी ने याद दिलाया कि आंबेडकर को उनकी education और विद्वता के कारण ही आजाद भारत का संविधान तैयार करने का अवसर मिला। उन्होंने the rights की रक्षा के लिए संविधान में ऐसे laws बनाए जो धार्मिक और जातीय भेदभाव को खत्म करने में मदद करें। उनका नारा — educate बनो, organize हो, संघर्ष करो — आज भी उतना ही relevant है।
एक अन्य भाषण में, वकील गणेश राम ने कहा कि आज जो भी हम achieved कर पाए हैं, वह बाबा साहेब की legacy के कारण है। उनके बिना, न तो reservations की व्यवस्था होती और न ही पिछड़े वर्गों को dignity मिल पाता। उनका संविधान हमारी constitutional शक्ति का आधार है।
कार्यक्रम में कई नेताओं और समाजसेवियों ने भाग लिया, जिनमें राजद के जिलाध्यक्ष विपिन कुशवाहा और अधिवक्ता गणेश राम शामिल थे। सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत मिशन गायक संजय लाल बिरहिया ने अपनी टीम के साथ songs पेश किए, जिनमें आंबेडकर के विचारों को आम जनता तक spread का संदेश था।
इस आयोजन ने न केवल आंबेडकर के जीवन पर चर्चा की, बल्कि यह भी दिखाया कि उनके ideals आज भी कैसे guide करते हैं। राजनीतिक दलों के बीच विचारधारात्मक tension के बावजूद, उनकी vision सभी के लिए एक common बिंदु बनी हुई है।
अगर सच में उनकी नीतियों का अनुकरण होता, तो आज इतनी inequality असमानता नहीं होती।
सिर्फ भाषण नहीं, action कार्रवाई चाहिए। आंबेडकर के बिना संविधान के बिना आरक्षण नहीं होता, ये सच है।
शिक्षित बनो, संगठित हो, संघर्ष करो — ये तीनों steps कदम आज भी काम करते हैं।
काश राजनेता इतने भाषणों के बजाय implementation कार्यान्वयन पर ध्यान देते।
हर चुनाव से पहले आंबेडकर याद आ जाते हैं। सुविधाजनक विचारधारा बन गए हैं।
आरक्षण सिर्फ नौकरियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, representation प्रतिनिधित्व हर जगह होना चाहिए।
गणेश राम ने सही कहा — जो कुछ भी हम बने, वो because कारण बाबा साहेब हैं।
मिशन गायक ने message संदेश दिया कि विचार गीतों से भी फैलते हैं।