PSL ने मुज़राबानी पर लगाया दो साल का प्रतिबंध

पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) ने ज़िम्बाब्वे के fast bowler ब्लेसिंग मुज़राबानी पर दो साल का ban लगा दिया है, जिसके कारण वह 2029 तक इस लीग में खेल नहीं सकेंगे। यह कार्रवाई तब आई जब मुज़राबानी, जिन्हें इस्लामाबाद यूनाइटेड ने साइन किया था, ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से deal मिलने पर लीग छोड़ दी।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने उन पर "सहमत commitments का सम्मान करने में मूलभूत failure और "लीग के पेशेवर structure को कमज़ोर करने" का आरोप लगाया। गौरतलब है कि नीलामी के बाद मुज़राबानी को वेस्टइंडीज़ के शमार जोसेफ़ के replacement के रूप में लिया गया था, जिन्होंने यूनाइटेड के साथ आपसी सहमति से अपना अनुबंध समाप्त कर दिया था।

मुज़राबानी को 40,000 डॉलर (लगभग 37.5 लाख रुपये) में साइन किया गया था, लेकिन final contract अभी तक साइन नहीं हुआ था। इसी कमज़ोरी का फायदा उठाते हुए वह KKR से offer मिलते ही आसानी से लीग छोड़ सके। IPL में उन्हें अपनी PSL डील से लगभग चार गुना earning का मौका मिला है, जो निश्चित रूप से एक बड़ा incentive रहा होगा।

PSL के एक आधिकारिक statement में कहा गया, "PSL के पेशेवर environment को बनाए रखने के लिए यह प्रतिबंध आवश्यक था। लीग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि players और एजेंट अपने अनुबंधों के प्रति responsibility से पेश आएँ, ताकि टूर्नामेंट की dignity बनी रहे।" दो साल का प्रतिबंध seriousness को दर्शाता है और पिछले किसी मामले से दोगुना है।

इससे पहले, कॉर्बिन बॉश ने भी पेशावर ज़ल्मी को छोड़कर मुंबई इंडियंस ज्वाइन कर लिया था, जिसके लिए उन पर एक साल का प्रतिबंध लगाया गया था। इस सीज़न भी वह MI का हिस्सा हैं। इसके अलावा, श्रीलंका के T20 कप्तान दसुन शानका भी PSL छोड़कर राजस्थान रॉयल्स के साथ जुड़ गए, लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कोई action नहीं हुई है। PSL का कहना है कि उन मामलों की जांच चल रही है।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • क्रिकबाज

    ये प्रतिबंध ज़रूरी था। अगर खिलाड़ी commitment को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं, तो लीग की credibility खतरे में पड़ जाएगी।

  • गेंदबाज़ी

    IPL के पैसे के आगे कौन टिक सकता है? मुज़राबानी ने smart move से काम लिया। हर कोई अपना best interest देखेगा।

  • लाहौरवाला

    बस मुज़राबानी पर नहीं, शानका पर भी ऐसा ही penalty होना चाहिए। दोहरे standard से लीग को नुकसान होता है।

  • पीसीबीफैन

    अगर अंतिम contract नहीं था, तो फिर यह ban कितना न्यायसंगत है? नियम स्पष्ट होने चाहिए।

  • खेलमंत्री

    ये मामला सिर्फ एक खिलाड़ी की decision नहीं, बल्कि लीग के शासन की चुनौती है।

  • टी20जानकार

    PSL को अपने reputation के लिए कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी। वरना सभी बड़े खिलाड़ी last minute में IPL के लिए पीछे हट जाएंगे।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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