एमपी में मजदूरों को मिलेगी यूनिक हेल्थ आईडी, सरकारी योजनाओं से आएंगी खुशियां

मध्यप्रदेश में लाखों असंगठित labourers अब एक बड़े स्वास्थ्य initiative का हिस्सा बनने जा रहे हैं। राज्य सरकार उनके लिए एक अलग यूनिक हेल्थ आईडी जारी करने वाली है, जिसके जरिए उनके स्वास्थ्य records को डिजिटल तरीके से सुरक्षित रखा जाएगा। यह पहल उन मजदूरों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है, जो अक्सर दस्तावेजों के अभाव में सरकारी benefits से वंचित रह जाते हैं।

इस योजना के तहत, हर पंजीकृत मजदूर को एक unique पहचान संख्या मिलेगी, जो आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की ABHA ID की तरह काम करेगी। इसके जरिए डॉक्टर की पर्ची, जांच reports , इलाज का इतिहास और नियमित health checkups का डेटा ऑनलाइन सुरक्षित रहेगा। यह व्यवस्था खासतौर पर उन मजदूरों के लिए बनाई जा रही है जो अक्सर काम के सिलसिले में शहर बदलते हैं और अपने medical history को लेकर परेशान रहते हैं।

सरकार के अनुसार, इस पहल से न केवल इलाज की access में आसानी होगी, बल्कि दुर्घटना या असामयिक मृत्यु के मामलों में भी financial assistance जल्दी मिल सकेगी। अभी तक अक्सर रिकॉर्ड न होने के कारण परिवारों को लाभ लेने में देरी या परेशानी होती थी। अब एक क्लिक से सभी details उपलब्ध होंगे।

इसके अलावा, मजदूरों को पहले से चल रही योजनाओं का भी लाभ मिल रहा है। पंजीकृत मजदूरों की सामान्य मृत्यु पर परिजनों को 2 लाख रुपए, दुर्घटना में मौत पर 4 लाख रुपए और महिला श्रमिकों को maternity support भी दी जाती है। बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा और छात्रवृत्ति का प्रावधान भी है। यह पहल मजदूरों के लिए एक holistic सुरक्षा जाल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रह्लाद पटेल, मध्यप्रदेश के श्रम मंत्री, ने कहा कि सरकार ने श्रम विभाग को विशेष instructions दिए हैं कि पंजीकृत मजदूरों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य डेटा को securely maintain किया जाए। यह कदम न केवल public health में सुधार करेगा, बल्कि सरकारी welfare schemes के निष्पादन में पारदर्शिता भी लाएगा।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • संजय_माल

    अगर health records वाकई डिजिटल हो गए, तो अस्पताल में भटकने की जगह बचेगी। बस यह न हो कि आईडी बनाने में ही रुपए लगने लगें।

  • प्रियंका_सिंह

    सरकार को इतना support देखकर अच्छा लगता है, लेकिन क्या गांव के मजदूर इस आईडी तक पहुंच पाएंगे? डिजिटल अंतर तो नहीं बढ़ेगा?

  • रमेश_पटेल

    एक labourer की मौत पर 4 लाख रुपए मिलते हैं, लेकिन काम के दौरान चोट लगने पर क्या? वहां भी compensation होना चाहिए।

  • अमित_झा

    यह पहल public trust बढ़ा सकती है। अगर सिस्टम सच में काम करे, तो लोग सरकार पर भरोसा करेंगे।

  • नीतू_कुमारी

    महिला मजदूरों के लिए maternity benefit बहुत जरूरी है। उम्मीद है इसे ठीक से लागू किया जाएगा।

  • विकास_मीणा

    क्या सभी registered workers को आईडी मिलेगी, या फिर किसी शर्त के बाद? clarity की जरूरत है।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

[email protected]