खराब जीवनशैली हार्मोनल असंतुलन की बड़ी वजह: डॉ. यशस्वी पाठक
जयपुर की एक प्रतिष्ठित एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. यशस्वी पाठक ने हाल ही में एक गहन साक्षात्कार में बताया कि lifestyle के कारण हार्मोनल असंतुलन आज एक बड़ी health issue बन गई है। उनके अनुसार, बैठे रहने की आदत, खराब आहार, और अत्यधिक screen time न केवल मोटापा बढ़ा रहे हैं, बल्कि शरीर के hormonal balance को भी गहराई से प्रभावित कर रहे हैं।
डॉ. पाठक ने स्पष्ट किया कि एंडोक्रिनोलॉजी हार्मोन्स पर आधारित चिकित्सा की एक विशेष शाखा है, जिसके तहत मधुमेह, थायराइड, मोटापा, PCOS और बांझपन जैसी chronic conditions आती हैं। वे कहती हैं कि इनके लक्षण अक्सर मामूली लगते हैं, लेकिन long-term तक नजरअंदाज करने पर गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकते हैं।
उन्होंने technology की भूमिका को भी रेखांकित किया, जिसने मरीजों के लिए ग्लूकोज मॉनिटरिंग और इंसुलिन डिलीवरी को आसान बना दिया है। डिजिटल ऐप्स और telemedicine ने दूरस्थ इलाज और निगरानी को संभव बनाया है। हालांकि, उन्होंने लागत को एक major barrier बताया, जिससे कई मरीज इन सुविधाओं तक नहीं पहुंच पाते।
हार्मोनल स्वास्थ्य के लिए balanced diet और नियमित व्यायाम अनिवार्य है। खासकर प्रोटीन की उचित मात्रा शरीर के metabolic health को स्थिर रखने में मदद करती है। शाकाहारी लोग दही, दालें, टोफू और सोया से प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं।
डॉ. पाठक ने तनाव और खराब नींद पर भी गहरा जोर दिया। लंबे समय तक तनाव शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ाता है, जो इंसुलिन प्रतिरोध और मधुमेह का कारण बन सकता है। उनका सुझाव है कि योग, ध्यान और पर्याप्त नींद हार्मोनल स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं।
अंत में, डॉ. पाठक ने जन जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका मानना है कि जीवनशैली में बदलाव और समय पर जांच से कई बीमारियों को prevent जा सकता है। वे चाहती हैं कि एंडोक्रिनोलॉजी को चिकित्सा के मुख्य धारा में लाया जाए और हार्मोनल समस्याओं पर समाज में खुलकर बात हो।
बहुत सच्ची बात है। मेरी बहन को PCOS है और डॉक्टर ने सीधे कहा—lifestyle change जीवनशैली बदलो, तभी दवा काम करेगी।
हमारे यहां अक्सर लोग डायबिटीज के लिए सिर्फ दवा चाहते हैं, लेकिन diet आहार और व्यायाम को नजरअंदाज करते हैं।
टेलीमेडिसिन ने मेरे पिता की जिंदगी आसान कर दी। वे बिना बाहर निकले अपनी glucose levels शुगर लेवल डॉक्टर को भेज सकते हैं।
क्या तनाव सच में वजन बढ़ाता है? मुझे लगता है मैं हर बार तनाव में होती हूं तो crave क्रेव करती हूं।
अच्छा लेख। लेकिन public awareness जन जागरूकता बढ़ाने के लिए हमें स्कूलों में भी ये बातें सिखानी चाहिए।
कोर्टिसोल का नाम सुना तो याद आया—मैं तो रात को दो बजे तक फोन में रहता हूं। शायद इसीलिए नींद नहीं आती। sleep hygiene नींद की आदतों पर काम करना पड़ेगा।