मोटापा बीमारियों की जड़: डॉक्टरों ने बताया दिल, लिवर और किडनी को लंबी उम्र देने का फॉर्मूला
मेरठ में आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम में डॉक्टरों ने health risks को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि obesity सिर्फ एक दिखावे की बात नहीं, बल्कि कई गंभीर बीमारियों की जड़ है। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आइएमए मेरठ शाखा ने बच्चा पार्क चौराहे के पास एक कार्यक्रम का आयोजन किया, जहां वरिष्ठ चिकित्सकों ने बताया कि मोटापे के कारण diabetes , blood pressure , heart disease और fatty liver जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि obesity वास्तव में सभी बीमारियों की जननी है। अगर इसे नियंत्रित कर लिया जाए, तो heart , liver और kidney सही ढंग से काम करते हैं। रात को अच्छी sleep भी आती है। उन्होंने सलाह दी कि अगर किसी का बीएमआई 30 से ऊपर है, तो उसे इलाज के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए।
डॉ. अग्रवाल ने बचाव के उपाय भी सुझाए। उन्होंने कहा कि junk food और तला-भुना खाना छोड़ना चाहिए। रोजाना सुबह 30 मिनट तेज गति से टहलना, yoga और pranayama करना वजन नियंत्रण में रखने में मददगार है। लेकिन यह सब regular होना चाहिए। रात को 7 से 8 घंटे की नींद लेना भी जरूरी है।
बेरियाट्रिक सर्जन डॉ. ऋषि सिंघल ने कहा कि genetic कारणों से भी मोटापा हो सकता है। अगर exercise और संतुलित आहार के बावजूद वजन नहीं घट रहा है, तो treatment की आवश्यकता हो सकती है। ऐसे मामलों में पहले दवाओं से इलाज किया जाता है, फिर आवश्यकता पड़ने पर surgery की जाती है।
डॉ. सिंघल ने बताया कि अगर बीएमआई 40 से ऊपर है, तो bariatric surgery एक विकल्प हो सकती है। मोटापा सिर्फ वजन की समस्या नहीं, बल्कि एक disease है, जो snoring , infertility और अन्य जटिलताओं को बढ़ावा देती है। इसे ठीक करने से इसके साथ आने वाली diseases का risk काफी कम हो जाता है।
मैंने पिछले साल अपना बीएमआई चेक करवाया था, वो 32 था। डॉक्टर ने diet control खानपान पर नियंत्रण की सलाह दी। अब मैं रोज जॉग करता हूं और तला हुआ खाना बंद कर दिया है।
सर्जरी का विचार डरावना लगता है। क्या natural methods प्राकृतिक तरीके सच में काम करते हैं, या हमें सीधे दवाओं की ओर जाना चाहिए?
यह सच है कि obesity मोटापा न सिर्फ दिखावे की बात है, बल्कि यह silent killer चुपके से मारने वाला भी है। जल्दी पहचानना और जल्दी intervention हस्तक्षेप करना जरूरी है।
अब समझ आया कि मेरे snoring खर्राटे और थकान का root cause मूल कारण शायद मेरा वजन है।
बच्चों में भी obesity मोटापा बढ़ रहा है। क्या स्कूलों में health education स्वास्थ्य शिक्षा अनिवार्य नहीं होनी चाहिए?
अच्छी बात है कि awareness जागरूकता बढ़ रही है, लेकिन क्या आम आदमी के लिए affordable treatment कम लागत वाला इलाज उपलब्ध है?