बाजार में तेजी के बाद आई गिरावट में इन शेयरों में लगाएं पैसा, मिलेगा अच्छा रिटर्न
बाजार में तेजी के बाद अचानक आई downturn ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। निफ्टी50 0.84% या 204.95 अंक गिरकर 24,375.55 पर और सेंसेक्स 0.96% या 758.04 अंक टूटकर 78,515.29 पर बंद हुआ। इसके पीछे geopolitical तनाव का असर है। अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता विफल होने के डर ने investor sentiment पर दबाव डाला। इस अनिश्चितता को दर्शाते हुए अस्थिरता सूचकांक में 6.9% की बढ़ोतरी हुई और यह 18.73 पर पहुंच गया।
इस उथल-पुथल के बीच, कुछ शेयरों में investment opportunity देखा जा रहा है। सनटेक रियल्टी ने चौथी तिमाही में मुनाफे में 26% और आय में 65% की बढ़ोतरी दर्ज की। EBITDA 40.5% बढ़कर 97 करोड़ रुपये रहा। इसी तरह, लीला होटल्स को नोमुरा ने खरीदारी की सलाह दी है और 510 रुपये प्रति शेयर का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे लग्जरी मांग और मजबूत पाइपलाइन के बीच growth outlook बढ़ गई है।
दूसरी ओर, कई कंपनियों पर चिंता के बादल छाए हुए हैं। पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का मूल्यांकन प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले प्रीमियम पर है, लेकिन ग्रोथ पिछली 9 तिमाहियों में धीमी रही है। FY27 के आउटलुक में कोई upward revision नहीं किया गया। ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स की आय में 16% की बढ़ोतरी हुई, लेकिन मुनाफा 3% घट गया। नए प्रोजेक्ट में 4-5 महीने की देरी ने भी चिंता बढ़ाई है।
कुछ कंपनियों ने राहत भरी खबर दी है। बेमल को रक्षा मंत्रालय से 590 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला, जो रक्षा क्षेत्र में मजबूती का संकेत है। पीएनसी इंफ्राटेक एनएचएआई के दो प्रोजेक्ट्स में L1 बिडर बनी, जिससे 3,483 करोड़ रुपये के अवसर की संभावना है। इसके विपरीत, crude oil की कीमतों में तेजी, जहां ब्रेंट $100 के पास पहुंच गया, ने होएसी और एचपीसीएल जैसी कंपनियों के लिए चुनौती पैदा कर दी है।
निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। कई एनालिस्टों का मानना है कि भारतीय बाजार अभी भी long-term potential रखते हैं, लेकिन अल्पकालिक अस्थिरता जारी रह सकती है। dividend announcement और फंड जुटाने जैसे कदम, जैसे हिंदुस्तान जिंक और एबी कैपिटल के मामले में, निवेशकों के लिए आकर्षक संकेत हो सकते हैं। लेकिन विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी निर्णय से पहले व्यक्तिगत financial advice ली जाए।
इस गिरावट में downturn गिरावट का असली कारण भू-राजनीति है या बाजार के अंदरूनी दबाव? लगता है दोनों चल रहे हैं।
लीला होटल्स में निवेश करने का विचार कर रही हूं, लेकिन क्रूड की ऊंची कीमतें ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ाएंगी ना?
BEML को ऑर्डर मिलना बड़ी बात है, देश की रक्षा जरूरतों को देखते हुए। defense sector रक्षा क्षेत्र में अब और मौके आएंगे।
नोमुरा की सलाह अच्छी लगी, लेकिन क्या वो अपने investment strategy निवेश रणनीति के लिए असली डेटा पर आधारित है?
कोई भी financial decision वित्तीय निर्णय लेने से पहले अपने रिस्क प्रोफाइल को समझना जरूरी है। बाजार ऊपर-नीचे हो सकता है।
हिंदुस्तान जिंक का dividend लाभांश अच्छा होगा, लेकिन क्या कच्चे माल की कीमतों ने उनके मार्जिन पर दबाव डाला है?