क्या वैभव के बल्ले में लगी है AI चिप? लैब टेस्ट की मांग ने मचाया तूफान
cricket जगत में जैसे-जैसे नए सितारे उगते हैं, वैसे-वैसे जलन की heat भी तेज हो जाती हैं। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी इस समय world के क्रिकेट मैदान पर तहलका मचा रहे हैं। आईपीएल 2026 में उनका form देखकर हर कोई हैरान है — लेकिन एक पाकिस्तानी विशेषज्ञ ने इस हैरानी को मूर्खता में बदल दिया। नौमान नियाज ने दावा किया कि सूर्यवंशी के bat में एआई चिप लगी है, जो उनके शॉट्स को और ज्यादा ताकत देती है।
नियाज ने अपने शो 'स्मैशहिट' पर कहा, 'consider — ये लड़का कौन है? इसके bat की जांच करवाइए।' उनकी मांग है कि जिस तरह डोपिंग टेस्ट होते हैं, उसी तरह बल्ले को किसी lab में भेजा जाए। उनका तर्क है कि 16 साल के एक बच्चे में इतनी ताकत और तकनीक नहीं हो सकती। ये तो विराट कोहली के विश्व चैंपियन होने के दौरान पैदा हुआ था — फिर भी वह पूरे 360 डिग्री में shot खेल रहा है।
लेकिन सूर्यवंशी के प्रदर्शन में कोई कमी नहीं आई। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 26 गेंदों में 78 रन की पारी के बाद, उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 37 गेंदों में century पूरा किया। यह innings न सिर्फ उनकी skill को दर्शाती है, बल्कि उनके मानसिक मजबूती की भी गवाही देती है। दो खराब प्रदर्शनों के बाद वापसी करना कोई आम बात नहीं।
आठ मैचों में 357 रन बनाकर वे ऑरेंज कैप की दौड़ में दूसरे स्थान पर हैं। केएल राहुल, विराट कोहली और अभिषेक शर्मा जैसे दिग्गजों को टक्कर दे रहे सूर्यवंशी के नाम एक century और दो half-century हैं। टॉप-10 में सिर्फ हेनरिक क्लासेन ही विदेशी खिलाड़ी हैं। यह आंकड़ा न सिर्फ भारतीय batting की प्रभुत्व दिखाता है, बल्कि सूर्यवंशी के impact को भी रेखांकित करता है।
अगर एआई चिप लगी है, तो बल्ला निर्माण कौन कर रहा है? NASA?
मैं तो सिर्फ इतना जानना चाहता हूं कि क्या उसके बल्ले की जांच होगी या नहीं। लैब टेस्ट का नतीजा क्या है?
15 साल का बच्चा, और तुम डोपिंग की बात कर रहे हो? ये तो प्रतिभा है, जादू है।
पाकिस्तानी विशेषज्ञों को हमेशा हमारे खिलाड़ियों पर doubt संदेह क्यों होता है?
मैंने उसकी 360 डिग्री बैटिंग देखी है — ये तकनीक नहीं, तो और क्या है?
ऑरेंज कैप के लिए 357 रन — ये कोई छोटी उपलब्धि नहीं है।
अगर AI चिप होती, तो हर बल्लेबाज इस्तेमाल करता। क्या तुम logic तर्क कर रहे हो या जल रहे हो?
क्रिकेट अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि तकनीकी युद्ध का मैदान बनता जा रहा है।