बांग्लादेश के तेज गेंदबाज रुबेल हुसैन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया, जानिए आंकड़े
बांग्लादेश के प्रख्यात fast bowler रुबेल हुसैन ने अंतरराष्ट्रीय cricket से संन्यास की घोषणा कर दी है। 36 वर्षीय रुबेल ने बुधवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर एक संदेश जारी कर बताया कि वह 159 अंतरराष्ट्रीय मैचों में बांग्लादेश की जर्सी में गेंदबाजी करने के बाद अब इस अवस्था को विदा कह रहे हैं।
उन्होंने अपना आखिरी मैच अप्रैल 2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में खेला था। उसके बाद से बार-बार चोटों ने उनकी टीम में वापसी के रास्ते में रोड़ा अटकाया। फिर भी, उन्होंने साफ किया कि वह घरेलू domestic cricket में अपना योगदान जारी रखेंगे।
रुबेल ने अपने संदेश में कहा, 'राष्ट्रीय टीम मेरा passion है, लेकिन हर किसी के लिए एक समय आता है जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को goodbye कहना पड़ता है।' उन्होंने प्रशंसकों, परिवार और मीडिया का आभार व्यक्त किया और support जारी रखने की उम्मीद जताई।
करियर के दौरान रुबेल ने 27 टेस्ट, 104 वनडे और 28 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उन्होंने वनडे debut पर ही 4 विकेट लेकर इतिहास रचा — बांग्लादेश के लिए यह कारनामा करने वाले वे पहले गेंदबाज थे।
2015 के वनडे विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ उनका एक प्रदर्शन यादगार रहा, जब उन्होंने लगातार चार गेंदों पर कप्तान इयोन मॉर्गन समेत चार बल्लेबाजों को आउट किया और टीम को 53 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत दिलाई। उनके नाम 129 वनडे विकेट हैं, जिसमें 6/26 उनका best performance रहा।
रुबेल के संन्यास से बांग्लादेश क्रिकेट की एक युगप्रवर्तक अवधि का अंत होता है। उनकी aggression , लाइन-लेंथ पर काबू और निरंतर pressure बनाने की क्षमता ने कई बार बड़ी टीमों को झुकाया। फैंस उनके जुनून भरे खेल को याद रखेंगे।
रुबेल का 2015 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ प्रदर्शन देखकर जैसे adrenaline rush एड्रेनालाईन रश आ गया था। वो ओवर अब तक याद है।
घरेलू क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे, ये सुनकर अच्छा लगा। मतलब अभी भी मैदान पर उनकी presence उपस्थिति बनी रहेगी।
चोटों ने बहुत पीछे धकेला, वर्ना वो 200 वनडे विकेट आसानी से पार कर जाते। injury चोट खिलाड़ी की सबसे बड़ी दुश्मन होती है।
डेब्यू पर 4 विकेट लेने वाले पहले बांग्लादेशी गेंदबाज होना — ये record रिकॉर्ड हमेशा उनके नाम रहेगा।
अलविदा कहना कभी आसान नहीं होता, खासकर जब आप national team राष्ट्रीय टीम के लिए खेल रहे हों। रुबेल ने भावनात्मक तरीके से ये किया।
क्या अब बीसीबी उन्हें कोचिंग स्टाफ में लाएगा? इतने अनुभव के बाद mentorship मेंटरशिप की भूमिका में वो बहुत योगदान दे सकते हैं।