Wipro Q4 Results 2026: विप्रो का मुनाफा 12% बढ़कर ₹3502 करोड़ हुआ, 15000 करोड़ के शेयर बायबैक की घोषणा
विप्रो ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के results घोषित कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का शुद्ध मुनाफा 12.3 प्रतिशत बढ़कर 3,502 करोड़ रुपये हो गया। यह consolidated profit पिछली तिमाही के मुकाबले काफी मजबूत है, जो निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इस उछाल के बावजूद, कंपनी का कुल राजस्व बाजार की expectations से कम रहा, जो चिंता का विषय भी बना हुआ है।
इस तिमाही में विप्रो का समेकित राजस्व 2.88 प्रतिशत बढ़कर 24,236 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 7.69 प्रतिशत की year-on-year growth दर्शाता है। IT सेवाओं के खंड में राजस्व में हल्की गिरावट आई, लेकिन operating margin 17.2 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 0.2 प्रतिशत अधिक है। इसका मतलब है कि कंपनी अपनी लागतों पर better control बनाए हुए है।
सबसे बड़ी खबर यह है कि विप्रो के बोर्ड ने ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक को मंजूरी दे दी है। यह बायबैक ₹250 प्रति शेयर की दर से किया जाएगा और कुल खर्च ₹15,000 करोड़ से अधिक नहीं होगा। यह कदम निवेशकों के confidence को मजबूत कर सकता है, क्योंकि यह दर्शाता है कि कंपनी के पास मजबूत cash flow है और वह अपने शेयरधारकों को मूल्य लौटाने के लिए तैयार है।
भविष्य के लिए, कंपनी ने अगली तिमाही में IT सेवाओं के राजस्व का मार्गदर्शन $2.597 बिलियन से $2.651 बिलियन के बीच दिया है। स्थिर मुद्रा आधार पर यह -2.0% से 0% के बीच की sequential guidance दर्शाता है, जो बाजार में जारी चुनौतियों के मद्देनजर एक सावधानी भरा रुख है।
सीईओ श्रीनी पल्लिया ने कहा कि AI advancements ग्राहकों की प्राथमिकताओं को बदल रही है और नए साझेदारी के अवसर पैदा कर रही है। विप्रो एआई-नेटिव बिजनेस यूनिट के जरिए 'सेवाओं को सॉफ्टवेयर के रूप में' प्रदान करने की दिशा में बढ़ रहा है। यह रणनीति कंपनी के लंबे समय के market positioning के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
मुनाफा तो बढ़ा है, लेकिन राजस्व ग्रोथ कमजोर है। क्या यह sustainable टिकाऊ वृद्धि है?
₹15,000 करोड़ का बायबैक निश्चित रूप से एक सकारात्मक signal संकेत है। यह शेयरधारकों के लिए अच्छा है।
क्या एआई में निवेश वास्तव में इतनी जल्दी pay off फायदा देगा? अभी तो बहुत ज्यादा घोषणाएं हैं।
मुनाफे में उछाल अच्छा है, लेकिन मार्जिन में सुधार और cash reserves नकद भंडार की मजबूती असली ताकत दिखाती है।
ऑपरेटिंग मार्जिन 17.2% पर, यह cost optimization लागत अनुकूलन का असर है। आगे भी यह दबाव बना रहेगा।
इस रिपोर्ट के बाद शेयर बाजार में क्या reaction प्रतिक्रिया होगी? आज का ट्रेडिंग सेशन दिलचस्प रहेगा।