एस्टरॉयड अलर्ट: 54 फीट तक बड़े 2 पिंडों का आज पृथ्वी के पास से गुजरना
आज दो बड़े asteroids पृथ्वी के करीब से गुजरने वाले हैं, लेकिन NASA के अनुसार इनके टकराने का कोई risk नहीं है। ये अंतरिक्षीय पिंड पृथ्वी की ओर बढ़ते हुए प्राकृतिक रूप से चिंता पैदा कर सकते हैं, लेकिन वैज्ञानिकों के लगातार monitoring के कारण हम इनके पथ के बारे में पहले से जानते हैं। NASA ने इन एस्टरॉयड्स को लगातार tracking किया है और स्पष्ट किया है कि न तो इनकी गति और न ही दिशा में कोई ऐसा change है जो धरती के लिए threat पैदा करे।
पहला एस्टरॉयड, जिसे 2026 HJ कहा गया है, महज 10 फीट बड़ा है — यानी एक सामान्य car जितना। यह पृथ्वी से सिर्फ 1.4 लाख kilometers की दूरी से गुजरेगा, जो चंद्रमा की तुलना में भी काफी कम है। दूसरा, 2026 HN नामक एस्टरॉयड, 54 फीट तक बड़ा हो सकता है — यानी एक छोटे house के बराबर। हालांकि, यह पृथ्वी से 61 लाख किलोमीटर दूर रहेगा, जो कि पूरी तरह सुरक्षित दूरी मानी जाती है। वैज्ञानिक इस बात पर जोर देते हैं कि आकार के बावजूद distance ही असली निर्णायक है।
इतिहास में एस्टरॉयड्स ने वास्तविक damage पहुंचाया है। 2013 में रूस के चेल्याबिंस्क में एक 59 फीट का उल्का पिंड आकाश में फट गया था। उस घटना में 1400 से अधिक लोग घायल हुए और लगभग 7,000 इमारतों को नुकसान पहुंचा। वह एक शक्तिशाली reminder थी कि ये अंतरिक्षीय पिंड अनदेखे नहीं किए जा सकते। ऐसे मामलों में early detection और निरंतर observation बेहद जरूरी है।
NASA लगातार आसपास के अंतरिक्ष में गतिविधियों पर नजर रखता है और ऐसे पृथ्वी के निकट वस्तुओं के बारे में जानकारी साझा करता रहता है। यह न केवल scientific research का हिस्सा है, बल्कि एक जनहित की बात भी है। भले ही ये एस्टरॉयड अभी किसी भी collision के खतरे से मुक्त हों, लेकिन उनकी निगरानी भविष्य के लिए एक रोकथाम उपाय के रूप में काम करती है।
इतने करीब से गुजरने पर भी कोई खतरा नहीं? क्या ये distance दूरी वाकई सुरक्षित मानी जाती है?
NASA हर बार ऐसी जानकारी देता है। ये transparency पारदर्शिता अच्छी बात है, लेकिन क्या लोगों में unnecessary fear अनावश्यक डर पैदा नहीं होता?
चेल्याबिंस्क घटना के बाद से ही detection systems पता लगाने की प्रणाली में भारी सुधार हुआ है। अब हम छोटे objects पिंडों को भी ट्रैक कर सकते हैं।
54 फीट का एस्टरॉयड? ये तो एक बिल्डिंग जैसा है! हालांकि collision टक्कर नहीं है, फिर भी सोचकर डर लगता है।
ये एस्टरॉयड इतने छोटे हैं कि atmosphere वातावरण में आते ही जलकर राख हो जाएंगे। real threat असली खतरा तो 1 किमी से बड़े पिंडों से है।
क्या कभी कोई एस्टरॉयड मार्ग-विचलन मिशन के जरिए रोका गया है? क्या ऐसी तकनीक मौजूद है?
हर बार NASA ऐसे अलर्ट देता है। क्या ये routine update नियमित अद्यतन है या वाकई कोई चिंता की बात?
अगर ये पृथ्वी से टकराते, तो impact प्रभाव क्या होता? एक छोटा एस्टरॉयड भी तो शहर तबाह कर सकता है।