एक साथ कतार में दिखेंगे 4 बड़े ग्रह! भूलकर भी न चूकें यह दुर्लभ नजारा, भारत में कब दिखेगी 'प्लैनेटरी परेड'?
अप्रैल 2026 में भारत के आकाश में एक rare नजारा देखने को मिलेगा। मरकरी, मार्स, सैटर्न और नेपच्यून चारों ग्रह एक सीधी line में दिखाई देंगे। इस घटना को 'प्लैनेटरी परेड' कहा जाता है, जब कई ग्रह पृथ्वी से देखे जाने पर एक alignment में नजर आते हैं। यह घटना 16 से 23 अप्रैल के बीच दिखेगी, और भारत में इसे सुबह के समय आसमान में देखा जा सकता है।
इस खगोलीय दृश्य को देखने के लिए आपको सूरज निकलने से लगभग 30 मिनट पहले जागना होगा। सुबह 5:00 से 5:45 के बीच पूर्वी क्षितिज की ओर देखने पर यह spectacle सबसे अच्छा दिखेगा। एक clear आसमान और कम प्रकाश प्रदूषण वाला स्थान चुनें। ऊंची इमारतों या पेड़ों से मुक्त जगह इस अवलोकन के लिए आदर्श रहेगी।
चारों ग्रहों में से मंगल और शनि को naked eyes से देखा जा सकता है। मंगल लाल-नारंगी color में ऊपरी आकाश में झलकेगा, जबकि शनि हल्के पीले रंग की चमक के साथ दिखाई देगा। बुध आसमान में क्षितिज के बहुत करीब रहेगा, जिसे देखना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। नेपच्यून को देखने के लिए telescope की जरूरत होगी, क्योंकि यह बहुत धुंधला दिखाई देगा।
यह घटना इसलिए खास है क्योंकि चार बड़े ग्रहों का एक साथ दिखना बहुत rare होता है। आमतौर पर दो या तीन ग्रहों का संरेखण अधिक आम है। यहां तक कि ग्रहों की position रोज बदलती रहेगी — शुरुआत में त्रिकोणीय आकार में, फिर 18 से 20 अप्रैल के बीच एक सटीक, तिरछी रेखा में। यह movement देखने में रोमांचक लगेगी।
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, ग्रह वास्तव में एक-दूसरे के करीब नहीं आते, बल्कि सूर्य के चारों ओर एक समतल पथ पर चलते हैं, जिसे 'एक्लिप्टिक' कहते हैं। इसी कारण वे हमें एक straight लाइन में दिखाई देते हैं। इस घटना के लिए कोई महंगा उपकरण नहीं चाहिए — बस curiosity और एक साफ आकाश।
क्या बुध को सच में naked eyes नग्न आंखों से देख पाएंगे? सुबह की रोशनी में यह बहुत चुनौतीपूर्ण लगता है।
इतनी जल्दी उठने का plan प्लान बनाना होगा! लेकिन यह अनुभव जरूर यादगार होगा।
नेपच्यून को देखने के लिए telescope दूरबीन लेनी पड़ेगी। क्या कोई स्थानीय खगोल समूह इसके लिए सेशन आयोजित कर रहा है?
हर बार ग्रहों की position स्थिति बदल रही है — यही तो विज्ञान का जादू है।
क्या यह संरेखण किसी impact प्रभाव वाली घटना का कारण बनेगा? जैसे भूकंप या चुंबकीय तूफान?
केवल curiosity उत्सुकता काफी है — यह वाक्य बहुत सुंदर है। बच्चों को भी इसके बारे में बताना चाहिए।