अमेरिका का कर्ज: अर्थव्यवस्था से आगे का खतरनाक सफर
अमेरिकी अर्थव्यवस्था अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां उसका कर्ज उसकी पूरी output से भी आगे निकल गया है। यूएस ट्रेजरी के आंकड़े बताते हैं कि जनता के पास मौजूद सरकारी कर्ज 31.27 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है, जबकि 2025-26 के लिए अनुमानित GDP 31.22 ट्रिलियन डॉलर है। यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने ऐसा आंकड़ा छुआ है, लेकिन यह रुझान चिंता की बात है। जब कर्ज, growth की तुलना में तेजी से बढ़ता है, तो वह भविष्य के लिए खतरे की घंटी होती है।
इस वित्त वर्ष में सरकार ने अपनी revenue से 1.17 ट्रिलियन डॉलर अधिक spending कर दिया है, और यह अंतर आगे बढ़ सकता है। सरकारी बजट घाटे का आकार इस साल लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। कांग्रेसनल बजट ऑफिस का कहना है कि बिना कोई बड़ा change किए, 2036 तक कर्ज GDP का 120 प्रतिशत हो जाएगा, और 2056 तक यह 175 प्रतिशत तक जा सकता है। यह न केवल एक संख्या है, बल्कि एक ऐसी trend है जो सरकारी नीतियों के भविष्य को बदल सकती है।
बढ़ती आबादी की age के साथ सोशल सिक्योरिटी और मेडिकेयर पर खर्च में वृद्धि कर्ज के बढ़ाव का एक बड़ा कारण है। लेकिन इससे भी ज्यादा चिंताजनक है कर्ज पर बढ़ता interest । अब सरकार के कुल खर्च का 14 प्रतिशत सिर्फ ब्याज भुगतान पर जा रहा है — यह रक्षा खर्च से भी higher है। यानी, सरकार के हर सात डॉलर में से एक डॉलर सिर्फ ब्याज के रूप में going ।
कुल राष्ट्रीय कर्ज, जिसमें सरकार का खुद पर बकाया भी शामिल है, करीब 38.95 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जो GDP के 120 प्रतिशत से भी अधिक है। ट्रंप प्रशासन ने इस चिंता को कम महत्व देते हुए कहा कि उनकी policies से आर्थिक विकास तेज होगा और कर्ज का अनुपात स्वतः reduce । लेकिन क्या यह उम्मीद वास्तविकता बन पाएगी, यह समय ही बताएगा।
GDP से ज्यादा कर्ज मतलब अब हर डॉलर की earning कमाई पर सवाल है।
सरकार के पास खर्च घटाने के अलावा कोई option विकल्प नहीं है।
कर्ज पर ब्याज अब रक्षा बजट से आगे — यह नहीं, यह तो एक आपदा की ओर इशारा है।
अगर growth विकास तेज होता है, तो कर्ज का बोझ कम हो सकता है।
क्या कोई यह बताएगा कि कर्ज का यह आंकड़ा असली निवेशकों को कैसे प्रभावित करेगा?
अमेरिका ने पहले भी संकट झेले हैं, लेकिन इस बार चुनौती अलग है।
ट्रंप की बातें तो अच्छी लगती हैं, लेकिन क्या policies नीतियां वास्तव में काम करेंगी?