संजू सैमसन ने तोड़ा धोनी का रिकॉर्ड, रोहित-विराट के क्लब में जुड़े
चेन्नई सुपर किंग्स के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए मैच में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया और record-breaking शतक लगाकर टीम को 23 रनों से जीत दिलाई। सिर्फ 56 गेंदों में नाबाद 115 रन बनाने वाले सैमसन ने 15 चौके और 4 छक्कों से स्टेडियम में मौजूद प्रशंसकों को visual treat दिया। इस विशाल स्कोर के बाद दिल्ली कैपिटल्स की पूरी टीम 189 रन पर ढेर हो गई, जिससे चेन्नई ने लीग टेबल में मजबूत स्थिति बना ली।
इस पारी के साथ सैमसन ने दो बड़े milestone हासिल किए। पहला, वे टी20 क्रिकेट में 400 से अधिक छक्के लगाने वाले चौथे भारतीय बन गए हैं, जिसमें रोहित शर्मा, विराट कोहली और सूर्यकुमार यादव से आगे का exclusive club जुड़ गए। उनके नाम अब 401 छक्के दर्ज हैं, जो उनकी निरंतर power-hitting क्षमता का प्रमाण है।
दूसरा, वे चेन्नई सुपर किंग्स के लिए सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने वाले विकेटकीपर बन गए हैं, जिससे एमएस धोनी का पुराना रिकॉर्ड टूट गया। धोनी ने पहले विकेटकीपर के तौर पर सीएसके के लिए सर्वाधिक 84 रन बनाए थे, जबकि सैमसन ने top-order से आकर 115 रनों का योगदान दिया। यह उपलब्धि उनके पहले ही सीजन में चेन्नई के लिए आई है, जो उनके career milestone में से एक है।
हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि धोनी अक्सर मध्यम या निचले क्रम में बल्लेबाजी करते थे, जबकि सैमसन को टीम में opening slot मिला है, जो उनकी पारी के संदर्भ को अलग बनाता है। फिर भी, चेन्नई की पीली जर्सी में एक दिग्गज के रिकॉर्ड को तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए pride की बात है।
इस जीत ने न केवल चेन्नई के प्लेऑफ़ के hopes को मजबूत किया है, बल्कि सैमसन को राष्ट्रीय टीम में वापसी के लिए भी मजबूत case दिया है। उनकी लय, फॉर्म और match-winning पारी ने साफ कर दिया है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े impact छोड़ सकते हैं।
धोनी का रिकॉर्ड तोड़ना आसान नहीं है। संजू ने अपने पहले सीजन में यह करके दिखाया कि वे किस क्लास के खिलाड़ी हैं। यह पारी न सिर्फ record-breaking रिकॉर्डतोड़ थी, बल्कि टीम के लिए बहुत अहम थी।
हमारी टीम तो दबाव में बिखर गई। 213 का लक्ष्य असंभव नहीं था, लेकिन संजू की पारी ने टोन सेट कर दी। अब बोलेंगे कि पिच गेंदबाजों के खिलाफ मददगार थी।
400 छक्के वाला क्लब? रोहित-विराट के बाद अब सूर्यकुमार और संजू। यह पावर-हिटिंग युग है। अब बल्लेबाजी में दौड़ है, न कि बस रन बनाने की।
धोनी के रिकॉर्ड को तोड़ने की बात कर रहे हैं, लेकिन याद रखिए, धोनी नीचे क्रम में आते थे। संजू को तो top-order advantage टॉप ऑर्डर का फायदा मिला। फिर भी, 115 रन बनाना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है।
इतनी बड़ी पारी के बाद भी क्या संजू को अगले टी20 मैच में मौका मिलेगा? टीम मैनेजमेंट कभी-कभी selection policy चयन नीति में अजीब फैसले लेती है।
देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह प्रदर्मन उनके लिए national comeback राष्ट्रीय टीम में वापसी का रास्ता खोलता है। वैसे भी, फॉर्म में बल्लेबाज को नजरअंदाज करना मुश्किल है।