खूबसूरती के कारण देश से निकाले गए ये आदमी अब हैं वैश्विक सेलिब्रिटी
क्या beauty कभी सज़ा बन सकती है? उमर बोरकान अल गाला के मामले में ऐसा ही हुआ। इराक के यह मॉडल और इंटरनेट सेलिब्रिटी इतने handsome हैं कि सऊदी अरब की सरकार ने 2013 में उनकी एंट्री पर ban लगा दिया। आधिकारिक तौर पर उनकी कोई रैंकिंग नहीं है, लेकिन public उन्हें दुनिया के सबसे खूबसूरत आदमी मानती है। उनकी फोटोज़ ने सोशल मीडिया पर sensation मचा रखी है।
सऊदी अरब में एक सांस्कृतिक उत्सव के दौरान उमर और दो अन्य model को देश से निकाल दिया गया। आयोजकों को डर था कि महिलाएं उनकी खूबसूरती देखकर reaction दिखाएंगी, जिससे माहौल बिगड़ सकता है। यह निर्णय न केवल एक security उपाय था, बल्कि सामाजिक norm को बनाए रखने की कोशिश भी थी।
उमर ने बाद में बताया कि खूबसूरती अल्लाह का तोहफा है। वह किसी खास routine के बजाय आत्म-संतुष्टि और मानसिक peace पर भरोसा करते हैं। उनका मानना है कि अंदर की खुशी चेहरे पर glow लाती है। यह दृष्टिकोण उनकी व्यक्तिगत छवि और lifestyle का हिस्सा बन गया है।
आज उमर कनाडा में रहते हैं और अपनी fame का इस्तेमाल अभिनय और मॉडलिंग में कर रहे हैं। उनके फैन्स में ज्यादातर महिलाएं हैं, जो उन्हें सोशल मीडिया पर बेहद active तरीके से फॉलो करती हैं। फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर करोड़ों फॉलोअर्स के साथ वह एक वैश्विक influence बन चुके हैं।
इस कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि जहां एक तरफ खूबसूरती को प्रशंसा मिलती है, वहीं कुछ संदर्भों में वह खतरा भी बन जाती है। उमर की कहानी सिर्फ एक मॉडल की नहीं, बल्कि cultural अपेक्षाओं और perception की भी है। यह दिखाती है कि कैसे एक व्यक्ति की छवि समाज के नजरिए से बदल सकती है।
क्या सच में खूबसूरती इतनी बड़ी threat खतरा हो सकती है? लगता है सऊदी सरकार ने ज्यादा ही सोच लिया।
उमर का कहना है कि अंदर की खुशी चेहरे पर दिखती है। ये mindset मानसिकता बहुत कम लोगों में होती है।
100 मिलियन follower फॉलोअर्स इंस्टाग्राम पर? ये तो राजनेता भी नहीं रखते!
इतने खूबसूरत होने के बावजूद उनका शांत रहना और सादगी बरतना impressive प्रभावित करता है।
क्या सरकार को इतने दिनों तक इस बैन को जारी रखना चाहिए? क्या policy नीति अब भी जरूरी है?
खूबसूरती भी एक तरह का pressure दबाव बन सकती है। उमर ने इसे स्टाइल में संभाला।