याददाश्त ने छोड़ा साथ, अब नए संकट का खतरा...विनोद कांबली की सेहत पर आया डराने वाला अपडेट
भारत के पूर्व क्रिकेटर star विनोद कांबली एक बार फिर स्वास्थ्य संकट के बीच चर्चा में हैं। जिन्होंने कभी सचिन तेंदुलकर के साथ मैदान पर इतिहास रचा, आज वे जिंदगी की सबसे कठिन पारी खेल रहे हैं। उनके करीबी दोस्त मार्कस कूटो ने हालिया interview में बताया कि कांबली की याददाश्त नाटकीय रूप से कमजोर हो गई है। वे अपने परिवार को पहचान लेते हैं, लेकिन अक्सर अपनी दवाइयां लेना forget जाते हैं।
डॉक्टरों की राय है कि उनके दिमाग में एक clot बन गया है, जिसे अब हटाया नहीं जा सकता। इस स्थिति के कारण उन्हें किसी भी वक्त brain stroke का खतरा है। कूटो ने बताया कि विनोद ने शराब छोड़ दी है, लेकिन मानसिक condition के कारण कभी-कभी सिगरेट पीने की आदत में फिर से फंस जाते हैं। वे ऑटो चालकों से सिगरेट मांग लेते हैं, जो उन्हें पहचानकर दे देते हैं, लेकिन इससे उनके health पर गहरा असर पड़ रहा है।
पिछले साल ठाणे के अस्पताल में यूरिनरी इन्फेक्शन के बाद से कांबली धीरे-धीरे रिकवर कर रहे हैं। ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने 60% तक सुधार दिखाया, लेकिन funds के कारण उपचार जारी नहीं रखा जा सका। कपिल देव ने उन्हें रिहैब सेंटर जाने का प्रस्ताव दिया, लेकिन डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि उन्हें चिकित्सा देखभाल की जरूरत है, न कि सिर्फ पुनर्वास।
अच्छी खबर यह है कि कांबली ने हाल ही में दशकों बाद एक ad शूट किया है — 'दिनशॉ' आइसक्रीम के लिए। वे अब बिना सहारे के चल भी पा रहे हैं। उनके पैरों में ताकत लाने के लिए जल्द ही एक physio की सेवा ली जाएगी। सचिन तेंदुलकर पर्दे के पीछे से लगातार उनकी मदद कर रहे हैं।
मार्कस कूटो ने बताया कि कांबली के दोस्तों का एक व्हाट्सएप ग्रुप है जो उनकी आर्थिक सहायता करता है। पिछले छह महीनों से उनकी स्थिति खराब नहीं हुई है, लेकिन अभी भी risk बरकरार है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि वे स्थिर रहें और आगे कोई गंभीर complication न आए।
एक समय में मैदान पर उनकी बल्लेबाजी देखकर हर कोई inspired प्रेरित होता था। आज ये खबर सुनकर दिल दुखता है।
सिगरेट मांगने की बात बहुत दर्द भरी है। लोग पहचानते हैं, लेकिन harm नुकसान नहीं समझते।
सचिन का चुपचाप समर्थन उनके चरित्र को दर्शाता है। वहां तक भी ध्यान रखना support समर्थन है।
क्या भारतीय क्रिकेट बोर्ड कुछ नहीं कर सकता? फंड की कमी में इलाज रुकना shame शर्म की बात है।
फिजियोथेरेपी अच्छी खबर है। लेकिन ब्रेन स्ट्रोक के risk खतरे में व्यायाम सावधानी से होना चाहिए।
पुराने खिलाड़ियों के लिए एक स्थायी care देखभाल योजना की जरूरत है। ये सिर्फ कांबली की कहानी नहीं है।