इस बड़ी बीमारी के चपेट में विनोद कांबली, सचिन ने इस तरह बढ़ाई मदद की पहल; जानें क्या है अपडेट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली एक गंभीर स्वास्थ्य संकट के चपेट में हैं, जिसके बारे में उनके करीबी दोस्त और सहयोगियों ने चिंता जताई है। उनकी memory इतनी कमजोर हो गई है कि वे छोटी-छोटी बातें भी भूल जाते हैं। वे अक्सर चीजों को केवल in pieces याद कर पाते हैं, जिससे उनके दैनिक जीवन पर गहरा असर पड़ रहा है।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि उन्हें brain stroke का खतरा है, क्योंकि उनके दिमाग में थक्का जम गया है, जिसे अब निकाला नहीं जा सकता। उन्होंने शराब छोड़ दी है, लेकिन अभी भी कभी-कभी smoking पीने की आदत बरकरार है। यहां तक कि बीमार होने पर वे passersby और ऑटो ड्राइवर्स से भी सिगरेट मांग लेते हैं, जो उन्हें मदद समझकर दे देते हैं, मगर इसके harm के बारे में अनजान रहते हैं।
इस बीच, उनके पुराने साथी और दोस्त सचिन तेंदुलकर सहित कई पूर्व खिलाड़ियों ने support का हाथ बढ़ाया है। एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, जिसमें ज्यादातर क्रिकेटर्स शामिल हैं और जो उनकी आर्थिक सहायता के लिए योगदान दे रहे हैं। कुछ ने अपना identity छिपाकर भी आर्थिक सहयोग किया है, जो उनके लिए emotional रूप से भी बहुत मायने रखता है।
कांबली पिछले कुछ समय से urinary infection से भी जूझ रहे थे, जिसका इलाज ठाणे के एक निजी अस्पताल में हुआ। उनके दोस्त मार्कस कौटो ने कहा कि पिछले छह महीनों में उनकी condition स्थिर रही है, लेकिन worry बनी हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक, अगला चरण brain stroke हो सकता है, लेकिन वह अपनी strong willpower के साथ हर दिन लड़ाई लड़ रहे हैं।
यह मामला न सिर्फ एक पूर्व खिलाड़ी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताता है, बल्कि क्रिकेट समुदाय के भीतर solidarity और human connection की भी कहानी है। जब कभी कोई पुराना खिलाड़ी संकट में होता है, तो उसके साथी खेल के मैदान से परे भी उसका साथ निभाते हैं। ऐसे में फैंस भी उम्मीद कर रहे हैं कि कांबली जल्द स्वस्थ हों और इस battle में जीत हासिल करें।
सचिन ने बिना fuss शोरगुल के मदद की, यही असली दोस्ती है।
कांबली के लिए emotional भावनात्मक रूप से बहुत दुख हो रहा है। वह अकेले नहीं हैं, यह देखकर राहत मिली।
लोग उन्हें सिगरेट देते हैं, सोचकर कि मदद कर रहे हैं। irony विडंबना है कि यही चीज उनकी health सेहत को और बिगाड़ रही है।
पुराने जमाने के खिलाड़ी अब बूढ़े हो रहे हैं। समय आ गया है कि support system सहायता प्रणाली बनाई जाए।
मैंने उनके बचपन के दिन देखे हैं। आज उनकी condition हालत सुनकर heartbreaking दिल टूट गया।
याददाश्त कमजोर होना और फिर भी fight लड़ना, यही तो true strength असली ताकत है।