मोमोज खाने से 10 साल की बच्ची का लिवर फेल, याददाश्त खोई और चलना-फिरना भी मुश्किल; प्लाज्माफेरेसिस से बची जान
दक्षिणी दिल्ली के बुराड़ी में रहने वाली 10 साल की तान्या के साथ जो हुआ, वह सिर्फ एक परिवार की दुखद घटना नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए एक public warning है। लगातार मोमोज जैसे fast food खाने के बाद उसका liver फेल हो गया, दिमाग में swelling आ गई, और वह छोटी-छोटी बातें भूलने लगी। खड़े होने तक में दिक्कत होने लगी थी।
माता-पिता काम पर रहते थे, तो तान्या दादा से पैसे लेकर बाहर के street food की ओर आकर्षित होती। मोमोज, चिप्स — ये daily habit धीरे-धीरे उसकी health के लिए खतरनाक साबित हुई। शुरुआत में थकान और भूलने के लक्छन थे, लेकिन जब वह चलने में भी असमर्थ हुई, तो परिवार ने आखिरकार उसे यथार्थ हॉस्पिटल, मॉडल टाउन ले जाने का decision किया।
जांच में पता चला: लिवर पूरी तरह failed हो चुका था। डॉक्टरों ने शुरुआत में liver transplant की सलाह दी, लेकिन फिर एक जटिल लेकिन प्रभावी उपचार चुना गया — प्लाज्माफेरेसिस। इस प्रक्रिया में शरीर के toxic substances वाला प्लाज्मा निकालकर शुद्ध प्लाज्मा डाला जाता है, जिससे लिवर को आराम मिलता है और ठीक होने की chance बढ़ जाती है।
तान्या को दो यूनिट प्लाज्मा चढ़ाया गया। इसके बाद उसकी condition में सुधार आया। लिवर ट्रांसप्लांट से बच गई। डॉ. शैलेश शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ, ने कहा कि दिल्ली के nearly 35% बच्चों में fatty liver के लक्छन हैं। प्रमुख कारण हैं: फास्ट फूड, स्क्रीन टाइम की अधिकता, और शारीरिक गतिविधि की lack ।
डॉ. अपूर्व पांडे, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभाग के प्रमुख, ने बताया कि ओपीडी में आने वाले 30-40% मरीज fatty liver के हैं। न तो पर्याप्त water पीया जा रहा है, और न ही संतुलित diet । रोजाना कम से कम ढाई लीटर पानी की जरूरत होती है, लेकिन ज्यादातर लोग सिर्फ एक से डेढ़ लीटर ही पीते हैं। अब यह सिर्फ वयस्कों की समस्या नहीं रही — बच्चे भी गंभीर risk में हैं।
हमारे बच्चे भी स्कूल के बाद मोमोज खाने जाते हैं। अब इस risk जोखिम के बारे में सोचकर डर लगता है।
सरकार को इन स्ट्रीट फूड वेंडर्स पर strict rules सख्त नियम लागू करने चाहिए। स्वच्छता का कोई standard मानक नहीं है।
मैंने भी तान्या की तरह फैटी लिवर का निदान करवाया था। अब सिर्फ घर का खाना और टहलना।
प्लाज्माफेरेसिस की cost कीमत कितनी होती होगी? आम आदमी के लिए यह उपचार affordable कितना सस्ता है?
स्कूलों में health education स्वास्थ्य शिक्षा पर ज्यादा फोकस होना चाहिए। बच्चे नहीं जानते कि यह junk food जंक फूड उनके साथ क्या कर रहा है।
यह मामला हमारे पड़ोस में हुआ है। बच्ची अब ठीक हो रही है, लेकिन इसके बाद से पूरा मोहल्ला awareness जागरूकता की बात कर रहा है।