US-Iran War: अमेरिका के आगे नहीं झुकेगा ईरान? यूरेनियम पर ट्रंप को फिर दिखाई आंख, कहा- हम नहीं सौंपेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे के बाद कि ईरान अपना समृद्ध uranium सौंपने पर सहमत हो गया है, तेहरान ने साफ़ इनकार कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसका enriched uranium किसी भी देश या एजेंसी को ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। इस मुद्दे पर बात करते हुए प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने राज्य टीवी को बताया कि अमेरिका के साथ हुई वार्ता में यह topic ही नहीं उठाया गया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि अमेरिका को B2 बमवर्षकों के हमलों के बाद परमाणु धूल मिली, जो कथित तौर पर दफनाए गए uranium stockpile से जुड़ी थी। लेकिन ईरानी अधिकारी ने इस बात का खंडन करते हुए कहा कि वार्ता अब युद्ध विराम पर केंद्रित है, न कि परमाणु सौदे पर। उन्होंने जोर देकर कहा कि lifting sanctions की 10-बिंदु योजना उनके लिए महत्वपूर्ण है और युद्ध के दौरान हुए नुकसान का compensation भी एक प्राथमिकता है।
इस पूरे विवाद के पीछे एक्सियोस की एक report भी है, जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिका ईरान के फ्रीज किए गए 20 अरब डॉलर के फंड जारी कर सकता है, बदले में तेहरान अपना यूरेनियम छोड़ दे। लेकिन ईरान ने इस खबर को भी dismiss कर दिया है।
जून 2025 में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुमान के मुताबिक, ईरान के पास 440 किलोग्राम तक 60% समृद्ध यूरेनियम था, जो 2015 के परमाणु समझौते में तय 3.67% की सीमा से कई गुना अधिक है। उसके बाद से ईरान ने inspectors को प्रभावित स्थलों पर जाने से रोक रखा है। ईरान का कहना है कि वह परमाणु हथियार नहीं चाहता, लेकिन नागरिक परमाणु कार्यक्रम चलाने का उसका right है, क्योंकि वह परमाणु अप्रसार संधि का हस्ताक्षरकर्ता है।
अमेरिका pressure दबाव डाल रहा है, लेकिन ईरान झुकने वाला नहीं लगता।
क्या वाकई अमेरिका को परमाणु धूल मिली? या ये सिर्फ claim दावा है?
दोनों तरफ से statements बयान आ रहे हैं, लेकिन शांति कब आएगी?
20 अरब डॉलर के funds फंड को लेकर भी बहस है, लेकिन ईरान का रुख साफ है।
परमाणु tension तनाव बढ़ता जा रहा है, और आम लोगों की चिंता बढ़ रही है।
अगर निरीक्षकों को नहीं जाने दिया जा रहा, तो transparency पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित होगी?