JDU की बैठक में क्या हुआ? अनंत सिंह ने बताया, बोले- 'नीतीश कुमार ने कहा है 200 सीट…'
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने सोमवार को पार्टी के विधानमंडल दल की बैठक को संबोधित किया। मीटिंग एक अणे मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय में हुई, जिसमें विधायकों, सांसदों और विधान पार्षदों ने भाग लिया। बैठक के बाद पार्टी विधायक अनंत सिंह ने मीडिया को बताया कि नीतीश कुमार ने सभी विधायकों से अपने-अपने constituency में ज्यादा से ज्यादा समय बिताने को कहा है।
अनंत सिंह ने कहा, "the policy ने कहा कि जैसे पहले हम जनता के बीच रहते थे, वैसा ही रहेंगे।" उन्होंने जोड़ा कि इस बार पार्टी का लक्ष्य 200 सीटें जीतने का है। इसके लिए विधायकों को अपने क्षेत्रों में public engagement और स्थानीय मुद्दों पर तेजी से response देने का निर्देश दिया गया है।
एक पत्रकार के सवाल पर कि क्या विधायक दल के नेता का चुनाव नीतीश कुमार करेंगे, अनंत सिंह ने संक्षेप में कहा, "मालिक वही हैं… जिसको भी चुनेंगे वही चुनेंगे।" इस टिप्पणी ने leadership के सवाल पर पार्टी के भीतर public confidence के संकेत दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बैठक में निशांत कुमार को लेकर कोई discussion नहीं हुई।
अनंत सिंह ने फिर से शराबबंदी कानून की समीक्षा की demand की। उन्होंने कहा कि युवाओं पर सूखा नशा का impact बढ़ रहा है। "हमने सरकार को अपनी राय दी है… लेकिन the opinion को कोई नहीं मानता तो हम क्या कर सकते हैं?" उन्होंने कहा, "हम तो कुछ नहीं हैं।" यह frustration साफ झलक रही थी।
इस बैठक ने जेडीयू की रणनीति के बारे में कुछ महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। पार्टी प्रत्येक सीट को seriously से ले रही है, जनता के साथ संबंध बहाल करने पर जोर दे रही है, और आंतरिक unity को बनाए रखने की कोशिश कर रही है। लेकिन साथ ही, कुछ नेताओं की बातों से यह भी साफ है कि नीतिगत मुद्दों पर उनकी voice सुनाई नहीं दे रही।
200 सीटें? ये तो ambition महत्वाकांक्षा बहुत बड़ी है। लेकिन क्षेत्र में काम नहीं होगा तो जनता कैसे मानेगी?
अनंत सिंह का बयान सुनकर लगता है कि शराबबंदी पर उनकी concern चिंता वास्तविक है, लेकिन पार्टी ऊपर तक ध्यान नहीं दे रही।
"मालिक वही हैं"… ये statement बयान नीतीश कुमार की control नियंत्रण की भावना दिखाता है। लेकिन क्या यही लंबे समय तक चलेगा?
हर बैठक में एक ही बात: जनता के बीच जाओ। लेकिन action कार्रवाई कब शुरू होगी?
अनंत सिंह कहते हैं कि हम कुछ नहीं हैं… फिर क्यों बोल रहे हैं? क्या ये drama नाटक चल रहा है?
क्या वाकई में निशांत कुमार का नाम नहीं आया? या ये सब denial इनकार सिर्फ रणनीति है?