‘नीतीश कुमार ने एक शब्द भी नहीं कहा...’, जेडीयू सुप्रीमो को लेकर राहुल गांधी का आरोप
तमिलनाडु चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर sharp criticism की है। सोमवार को श्रीवैकुंठम में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन के प्रचार के दौरान उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी को अपने ऊपर पूरा control बनाने का मौका दिया है। उन्होंने कहा, "बिहार के मुख्यमंत्री को हटाकर भाजपा के एक व्यक्ति को लाया गया। क्यों? क्योंकि वे compromised हैं।"
राहुल गांधी ने तमिलनाडु के मतदाताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि बीजेपी का लक्ष्य ऐसी सरकार बनाना है जहां मुख्यमंत्री blindly follows । उन्होंने कहा, "उनके पिछले कार्यों ने बीजेपी को उन पर पूरी तरह नियंत्रण करने का मौका दिया। तमिलनाडु में भी वे यही चाहते हैं। वे ऐसा मुख्यमंत्री चाहते हैं जो उनकी हर बात माने। और हम उन्हें ऐसा कभी नहीं करने देंगे।"
हाल के विधानसभा चुनावों में एनडीए को भारी बहुमत मिला, जिसके बाद नीतीश कुमार राज्यसभा चले गए और सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री बने। राहुल ने इस बदलाव को भाजपा की centralized power का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि जब कोई नेता अपना voice नहीं उठाता, तो वह लोकतंत्र के लिए खतरा बन जाता है।
तमिलनाडु में चुनाव 23 अप्रैल को एक ही चरण में होंगे और मतगणना 4 मई को होगी। मुख्य मुकाबला डीएमके नेतृत्व वाले गठबंधन और एआईएडीएमके-बीजेपी के एनडीए गठबंधन के बीच है। राहुल का बयान एक political warning के तौर पर देखा जा रहा है कि क्षेत्रीय दल अपनी स्वतंत्रता खो न दें।
नीतीश जी ने चुप्पी क्यों साधी? अगर वाकई दबाव में हैं, तो public statement जनता के सामने बयान देना चाहिए था।
तमिलनाडु में हमारे लिए ये बहुत बड़ी wake-up call जागृति की पुकार है। अपने नेताओं पर नजर रखनी चाहिए।
बीजेपी की रणनीति साफ है — गठबंधन भागीदारों को weaken कमजोर करना और खुद सत्ता में आना।
कांग्रेस अब चुनावी मुद्दों पर बोल रही है, लेकिन क्या ये सच में genuine concern वास्तविक चिंता है या सिर्फ राजनीति?
एक नेता का चुप रहना उसकी नैतिक विफलता होती है, खासकर जब लोकतंत्र खतरे में हो।
तमिलनाडु चुनाव में महिला उम्मीदवारों की संख्या कम है। क्या ये समावेशन की कमी नहीं?