'जदयू की बैठक में कुछ बड़ा होने वाला है'; मुख्य प्रवक्ता ने दिया संकेत, PM मोदी का नाम लेकर शराबबंदी पर बयान
पटना में 20 अप्रैल को होने वाली जदयू विधायक दल की बैठक major event बनने जा रही है। यह बैठक पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नए आवास, सात सर्कुलर रोड पर आयोजित होगी, जहाँ उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में leadership role के तहत नई रणनीति के संकेत देने की उम्मीद है। नई सरकार के गठन के बाद यह पहली बार होगा जब विधायक दल की बैठक हो रही है, जिसमें new leader का चुनाव भी होना है।
इस बैठक के महत्व को इस बात से समझा जा सकता है कि नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री नहीं हैं। यह पहला अवसर होगा जब वे important program में भाग लेंगे। उनके संबोधन से स्पष्ट होने वाला है कि जदयू एनडीए गठबंधन में कैसी future role निभाएगी। उपमुख्यमंत्रियों के संबोधन से भी पार्टी की policy priorities पर प्रकाश पड़ेगा।
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने संकेत दिए हैं कि बैठक में key decisions लिए जा सकते हैं। उनका कहना है कि एजेंडा सार्वजनिक नहीं है, लेकिन नीतीश कुमार की नीतिगत शैली को देखते हुए इस बैठक से कुछ new message जरूर निकलेगा। यह उम्मीद है कि संगठनात्मक चुनावों के बाद राष्ट्रीय परिषद की formal meeting की तारीख भी तय की जा सकती है।
शराबबंदी के मुद्दे पर प्रवक्ता ने स्पष्ट strong stance दिखाया। उन्होंने कहा कि जो लोग इस कानून पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें अपने परिवार की महिलाओं से लिखवाकर सोशल मीडिया पर डालना चाहिए कि शराबबंदी खत्म हो। public reaction उन्हें समझ आ जाएगी। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून समाप्त नहीं होगा।
नीरज कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे top leaders के बयानों का हवाला दिया। उनका तर्क है कि जब इतने बड़े नेता शराबबंदी की सराहना करते हैं, तो विरोध करने वालों को self-reflection करना चाहिए। उन्होंने कहा, "कोई इनसे बड़े राजनीतिक कद का तो नहीं है।" विपक्षी नेता तेजस्वी यादव के आरोपों पर जवाब में उन्होंने बताया कि वेतन भुगतान से पहले official clearance आवश्यक होती है, जो प्रक्रियागत आवश्यकता है।
अगर शराबबंदी सचमुच अच्छी है, तो लोग खुद इसकी मांग क्यों नहीं कर रहे? public demand जनता की मांग कहाँ है?
नीतीश जी के बिना सरकार चल रही है, लेकिन अब भी real power वास्तविक ताकत उनके हाथ में लगती है।
मोदी जी का नाम लेकर डराने की कोशिश? जनता अब इस तरह के political tactic राजनीतिक दबाव को पहचान चुकी है।
बैठक में नया नेता चुना जाएगा, लेकिन क्या वास्तव में leadership change नेतृत्व परिवर्तन होगा, या सिर्फ ढोंग?
शराबबंदी पर तो ठोस बयान है, लेकिन economic impact आर्थिक प्रभाव के बारे में कोई चर्चा क्यों नहीं?
औपचारिक स्वीकृति की बात सही है, लेकिन delay issue देरी का मुद्दा अभी भी जनता के दिल में है।