आईपीएल 2026: RR मैनेजर रोमी भिंडर को ACSU का नोटिस, डगआउट में मोबाइल इस्तेमाल के आरोप
आईपीएल 2026 के दौरान राजस्थान रॉयल्स (RR) के टीम मैनेजर रोमी भिंडर को भ्रष्टाचार निरोधक और सुरक्षा इकाई (ACSU) ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई तब हुई जब भिंडर को गुवाहाटी में आरसीबी के खिलाफ मैच के दौरान डगआउट में mobile phone के उपयोग करते हुए टीवी स्क्रीन पर देखा गया। ऐसा करना आईपीएल के rules के खिलाफ माना जाता है, जिसमें खुले तौर पर कहा गया है कि ड्रेसिंग रूम के अलावा डगआउट में communication device का इस्तेमाल वर्जित है।
एसीएसयू ने भिंडर से अगले 48 घंटे के भीतर explanation मांगा है। बीसीसीआई के सूत्रों ने बताया कि जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और भिंडर को उस क्षेत्र में फोन क्यों ले जाया गया, इसके reasons को स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। एक आंतरिक सूत्र ने कहा, 'यह नियमों का सीधा violation है, चाहे कोई भी बहाना दिया जाए।'
घटना 10 अप्रैल को एसीए स्टेडियम में हुई थी, जब टीवी कैमरे ने भिंडर को डगआउट में फोन की स्क्रीन देखते हुए कैद किया। कुछ सेकंड के वीडियो में युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी को भी उसी दिशा में देखते दिखाया गया, जिससे चिंता बढ़ गई कि कहीं team strategy को लीक न कर दिया गया हो। इस तरह के मामले आईपीएल की integrity के लिए खतरा माने जाते हैं।
रोमी भिंडर 2008 से राजस्थान रॉयल्स के साथ जुड़े हुए हैं और टीम के एक key member रहे हैं। जब आईपीएल में जयपुर टीम पर बैन लगा था, तो वे राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के साथ भी काम कर चुके हैं। अब उनके मामले पर अन्य फ्रेंचाइजी भी close attention रख रही हैं, क्योंकि यह तय करेगा कि भविष्य में नियमों के प्रति कितनी strictness बरती जाएगी।
आईपीएल ने हमेशा खेल की fair play और पारदर्शिता पर जोर दिया है। ऐसे मामलों में त्वरित action न केवल नियमों के प्रति सम्मान दिखाती है, बल्कि टीमों के बीच trust भी बनाए रखती है। भिंडर के जवाब के बाद ACSU की रिपोर्ट बीसीसीआई को सौंपी जाएगी, जो decision लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अगर ऐसा छूट जाए, तो आगे चलकर हर टीम मैनेजर डगआउट में फोन लेकर बैठेगा। यह उदाहरण बन सकता है।
रोमी सालों से RR के साथ हैं। उनके खिलाफ notice नोटिस आना थोड़ा अजीब लग रहा है, लेकिन नियम नियम होते हैं।
वैभव का स्क्रीन की ओर देखना भी चिंताजनक है। कहीं यह unfair advantage अनुचित लाभ तो नहीं मिल रहा था?
ड्रेसिंग रूम में फोन चलाने की छूट है, लेकिन डगआउट में नहीं। यह बहुत clear rule स्पष्ट नियम है।
क्या भिंडर ने कोई आपातकालीन communication संचार किया था? अगर हां, तो यह बात जवाब में सामने आनी चाहिए।
इतनी बड़ी लीग में छोटी बातों पर भी scrutiny जांच होनी चाहिए। यही तो professionalism पेशेवरता है।