MI vs RCB: पाटीदार-विराट ने मुंबई के जख्मों पर छिड़का 'सॉल्ट', बेंगलुरु से बदला नहीं ले पाई एमआई
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मुंबई इंडियंस के घावों पर नमक छिड़कते हुए वानखेड़े में thrilling match में 18 रनों से जीत दर्ज की। आरसीबी के बल्लेबाजों ने aggressive batting के जरिए मुंबई की मजबूत गेंदबाजी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। फिल सॉल्ट, विराट कोहली और कप्तान रजत पाटीदार के half-centuries ने मैच का रुख बदल दिया। आरसीबी ने 4 विकेट खोकर 240 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया, जिसके सामने मुंबई की टीम 222 रन तक पहुंच सकी।
मैच की शुरुआत से ही आरसीबी ने dominant performance दिखाया। सॉल्ट और कोहली ने पहले विकेट के लिए 120 रन की साझेदारी कर मुंबई के गेंदबाजों पर constant pressure बनाया। सॉल्ट ने मिचेल सेंटनर के एक ओवर में लगातार तीन छक्के जड़कर momentum बना दी, जबकि पाटीदार ने केवल 17 गेंदों में अर्धशतक पूरा करके आरसीबी के लिए सबसे तेज दूसरे अर्धशतक का रिकॉर्ड बनाया। उनकी explosive knock ने मैच को निर्णायक मोड़ दिया।
मुंबई की ओर से रयान रिकल्टन और रोहित शर्मा ने शुरुआत अच्छी दी, लेकिन रोहित को हैमस्ट्रिंग में चोट के कारण retired hurt पड़ा। सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या के नाकाम रहने के बाद टीम की उम्मीदें शेरफेन रदरफोर्ड पर टिक गई। उन्होंने 31 गेंदों में नाबाद 71 रन बनाए, जिसमें 9 छक्के शामिल थे, लेकिन यह प्रयास भी insufficient साबित हुआ।
मुंबई के लिए यह लगातार तीसरी हार है और टीम के bowling strategy तथा बल्लेबाजी क्रम पर सवाल उठ रहे हैं। जसप्रीत बुमराह ने किफायती गेंदबाजी की, लेकिन विकेट नहीं ले सके। दूसरी ओर, बेंगलुरु ने इस जीत के साथ strong position में कदम रखा है। क्रुणाल पांड्या और सुयश शर्मा की गेंदबाजी ने महत्वपूर्ण विकेट झटके। अब मुंबई को अपने अगले मैच में संशोधन की जरूरत है, वरना playoff race से बाहर होने का खतरा मंडराने लगेगा।
सॉल्ट और पाटीदार की explosive start धमाकेदार शुरुआत ने मैच तुरंत आरसीबी के पक्ष में कर दिया। हमारे गेंदबाज पूरी तरह भटक गए।
पाटीदार की 17 गेंदों में अर्धशतक की पारी? यह match-winning knock मैच जीतने वाली पारी थी। कप्तानी भी बढ़िया की।
हार्दिक ने तो अच्छा स्कोर बनाया, लेकिन बाकी कौन था जो साथ देता? सुयश शर्मा ने crucial breakthrough अहम विकेट लिया।
विराट ने शांत तरीके से 50 बनाए, लेकिन जब वह आउट हुए, मैच की hope उम्मीद भी लगभग खत्म हो गई।
मुंबई को बुमराह के अलावा कोई विकेट लेने वाला गेंदबाज नहीं मिल रहा। क्या team balance टीम का संतुलन ठीक है?
रोहित के चोटिल होने के बाद पूरी टीम का morale मनोबल गिर गया। उनकी गैरमौजूदगी महसूस हुई।