तेजी से बढ़ रही छंटनी: तीन महीने में 73200 एंप्लॉयीज की छुट्टी, अब Snap-Meta समेत इन कंपनियों में भी तैयारी

टेक उद्योग में छंटनी का सिलसिला अब तेजी से बढ़ रहा है। new plan ने कई बड़ी कंपनियों को अपने ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करने के लिए बल दिया है। 2026 की पहली तिमाही में ही 95 कंपनियों ने मिलकर 73,200 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। यह संख्या पिछले कुछ वर्षों में एक ही तिमाही में देखे गए सबसे बड़े बदलाव में से एक है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह market pressure और आर्थिक अनिश्चितता का सीधा नतीजा है।

स्नैप इंक ने अपने कुल कर्मचारियों में से लगभग 16% की छंटनी करने का ऐलान किया है। इस फैसले के तहत करीब 1,000 कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। कंपनी का लक्ष्य cost reduction लाकर लाभप्रदता बढ़ाना है। उम्मीद है कि इससे 2026 की दूसरी छमाही तक 500 मिलियन डॉलर की बचत होगी। हालांकि, छंटनी की सीधी लागत severance cost के रूप में 9.5 से 13 करोड़ डॉलर के बीच रहने का अनुमान है।

मेटा प्लेटफॉर्म्स भी इस दौड़ में पीछे नहीं है। इस साल जनवरी में कंपनी ने अपने ऑगमेंटेड और वर्चुअल रियलिटी प्रोजेक्ट्स से जुड़े लगभग 1,500 कर्मचारियों को निकाला। मार्च में फिर 700 पदों में कटौती की गई, जिसमें रिक्रूटमेंट, सेल्स और ऑपरेशंस शामिल थे। अब बरलिंगेम और सनीवेल में 198 अतिरिक्त पदों को समाप्त करने की तैयारी है। यह बदलाव focus shift को दर्शाता है, जहां AI investment अब प्राथमिकता बन गई है।

वाल्ट डिज्नी कंपनी भी अपने पहले बड़े ढांचागत बदलाव के तहत लगभग 1,000 कर्मचारियों की छंटनी कर रही है। यह निर्णय नए सीईओ जोश डी'एमारो के नेतृत्व में आया है। अनुभवी कर्मचारियों को severance package में अधिक लाभ मिलेंगे, जबकि नॉन-मैनेजेरियल स्टाफ को चार हफ्ते का वेतन दिया जाएगा। यह restructuring , लंबे समय तक चले आ रहे वित्तीय दबाव का ही नतीजा है।

ऑरेकल कॉर्पोरेशन दुनिया भर में 20,000 से 30,000 कर्मचारियों की छंटनी की योजना बना रहा है, जिसमें भारत में करीब 12,000 लोग प्रभावित होंगे। यह global impact क्लाउड, हेल्थकेयर और सेल्स डिवीजन में देखा जा रहा है। कंपनी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर रही है। भारत में प्रभावित कर्मचारियों को हर साल के लिए 15 दिन का वेतन, बची छुट्टियों के पैसे और दो महीने का फिक्स वेतन मिलने की उम्मीद है। यह cost-cutting measure लंबे समय तक चलने वाली नौकरियों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा रहा है।

इस साल की छंटनी की गति इस बात की ओर इशारा करती है कि कंपनियां अब तक चले आ रहे business model को बदल रही हैं। लंबे समय तक हायरिंग में तेजी आने के बाद अब financial pressure और एआई की ओर बढ़ने की आवश्यकता ने इन strategic decisions को जन्म दिया है। कर्मचारियों के लिए यह एक कठिन समय है, लेकिन निवेशकों की नजर अब इस बदलाव से होने वाले long-term gain पर है।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • अंजलि_23

    हर कंपनी एआई की बात कर रही है, लेकिन real cost कर्मचारियों की नौकरियों में तबाही के रूप में आ रही है।

  • विक्रम_ई

    ये profitability के नाम पर चल रही कटौती वास्तविकता को छुपा रही है। क्या ये सच में स्थायी समाधान है?

  • मीरा_डी

    मेटा ने तो हर महीने कुछ न कुछ ऐलान कर दिया। constant change कामगार मनोबल को नष्ट कर रहे हैं।

  • सचिन_पी

    ऑरेकल में भारत के 12,000 लोग प्रभावित? यह huge impact है। IT सेक्टर में धक्का लगेगा।

  • रोहित_जे

    सेवा समाप्ति पैकेज तो दिया जा रहा है, लेकिन job security के बारे में कोई नहीं सोच रहा।

  • नीतू_एम

    क्या ये सभी कंपनियां वाकई में AI shift रही हैं, या बस लागत कम करने का बहाना है?

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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