बच्चों के गाल पर थप्पड़ जैसे निशान दिखें तो हो सकते हैं फिफ्थ डिजीज के लक्षण
अगर आपके बच्चे के गाल अचानक लाल-लाल दिख रहे हैं, मानो किसी ने slap मारा हो, तो घबराएं नहीं — लेकिन ध्यान जरूर दें। यह सिर्फ गुस्सा नहीं, बल्कि fifth disease का संकेत हो सकता है, जिसे आम भाषा में स्लैप्ड चीक सिंड्रोम भी कहते हैं। यह एक आम वायरल संक्रमण है जो खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों को प्रभावित करता है।
मुंबई के नारायणा हॉस्पिटल की पीडियाट्रिक डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. सना भामला के अनुसार, यह संक्रमण पार्वोवायरस B19 के कारण होता है और respiratory droplets के जरिए फैलता है। जब कोई संक्रमित बच्चा खांसता या छींकता है, तो आसपास के बच्चों में संक्रमण का risk बढ़ जाता है। इसलिए स्कूल और खेल के मैदान इस वायरस के फैलने के आदर्श स्थान बन जाते हैं।
इस बीमारी का सबसे चौंकाने वाला लक्षण गालों पर गहरे लाल rash का दिखना है। कुछ दिनों बाद शरीर के अन्य हिस्सों — हाथ, पैर और धड़ — पर lacy pattern जैसा रैश आ सकता है। इसके साथ हल्का बुखार, नाक बहना, headache और थकान भी हो सकती है। ये लक्षण सर्दी-जुकाम जैसे लगते हैं, इसलिए पहचानने में देर हो सकती है।
एक दिलचस्प बात यह है कि जब रैश दिखता है, तब बच्चा आमतौर पर less contagious होता है। यानी संक्रमण फैलने का खतरा तब कम होता है जब लक्षण सबसे स्पष्ट होते हैं। फिर भी, धूप, गर्मी या तेज शारीरिक activity के बाद रैश कभी-कभी वापस आ सकता है।
डॉ. भामला कहती हैं कि फिफ्थ डिजीज का कोई विशेष treatment नहीं होता क्योंकि यह वायरल है। उपचार का फोकस लक्षणों को कम करने पर होता है: आराम, पर्याप्त पानी और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर के दिशा-निर्देश पर दवा। अधिकांश बच्चे कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं। हालांकि, जिन बच्चों की immunity कमजोर है या जिन्हें पहले से खून की बीमारी है, उनके लिए यह गंभीर हो सकता है।
इसलिए अगली बार जब आपके बच्चे का चेहरा लाल लगे, तो सबसे पहले शांत हों, फिर ध्यान से देखें। यह एक आम स्थिति है, लेकिन सही जानकारी और care से आप बिना तनाव के इसका सामना कर सकते हैं।
पिछले हफ्ते मेरी बेटी के गाल लाल हो गए थे, मैं तो समझी कोई एलर्जी है। अब पता चला यह fifth disease हो सकता था। धन्यवाद जानकारी के लिए।
हां, यह संक्रमण बच्चों में आम है, लेकिन माता-पिता अक्सर panic घबरा जाते हैं। जागरूकता बहुत जरूरी है।
क्या यह बीमारी वयस्कों में भी हो सकती है? मैंने कभी नहीं सुना।
स्कूल में तो हर दूसरे हफ्ते कोई न कोई बच्चा बीमार रहता है। hygiene स्वच्छता और हाथ धोने की आदत पर जोर देना चाहिए।
हमारे स्कूल में भी ऐसा मामला आया था। डॉक्टर ने भी कहा कि बच्चा contagious संक्रामक नहीं रहता जब रैश आ जाता है।
इस तरह के लक्षण देखकर तो घरवाले समझते हैं कि बच्चे को मारा गया है। public awareness जन जागरूकता बहुत जरूरी है।