अमरावती में मोहम्मद अयाज उर्फ तनवीर के घर पर चला बुलडोजर, 180 नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने का आरोप लगा
अमरावती में प्रशासन ने एक भीषण मामले में action करते हुए आरोपी मोहम्मद अयाज उर्फ तनवीर अहमद के घर पर bulldozer चला दिया। आरोपी पर 180 नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने और उनके खिलाफ 350 से अधिक अश्लील वीडियो बनाने का गंभीर आरोप है। ये वीडियो सोशल मीडिया के ज़रिए बनाए गए थे, जिसमें लड़कियों को love trap में फंसाकर मुंबई और पुणे ले जाया गया था।
पुलिस ने आरोपी को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया था, और अदालत ने उसे 21 अप्रैल तक पुलिस custody में भेज दिया। नगर निगम की टीम ने बुधवार को आरोपी के घर के अवैध हिस्सों को demolish दिया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध निर्माण के साथ-साथ अपराध के evidence को नष्ट करने की रोकथाम के लिए थी।
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है और उसकी विस्तृत फॉरेंसिक जांच चल रही है। अब तक 18 वीडियो और 39 तस्वीरें पहचानी जा चुकी हैं। आरोपी ने इन वीडियो के ज़रिए लड़कियों को blackmail किया और कुछ को वेश्यावृत्ति में धकेलने की कोशिश की। कुछ सामग्री ऑनलाइन बड़े पैमाने पर share भी की गई।
महाराष्ट्र साइबर विभाग के साथ मिलकर वायरल सामग्री को हटाने और उसे फैलाने वालों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले की गहन जांच के लिए राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे सहित कई नेताओं ने एसआईटी गठित करने की मांग की है। उनका दावा है कि इस पीछे एक संगठित network और ऑनलाइन समूह काम कर रहे हैं, जो बच्चों के शोषण को सुनियोजित तरीके से फैला रहे हैं।
इस कार्रवाई ने आम लोगों में relief तो दी है, लेकिन साथ ही concern भी बढ़ाई है कि ऐसे अपराध कैसे इतने बड़े पैमाने पर हो सकते हैं। साइबर जागरूकता और बच्चों की protection को लेकर नए नियमों की मांग तेज हो गई है। पीड़ित लड़कियों को support और मनोवैज्ञानिक उपचार देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है।
बुलडोजर तो घर गिरा दिया, लेकिन जो videos वीडियो ऑनलाइन फैल चुके हैं, उन्हें कैसे रोका जाएगा? यही असली threat खतरा है।
एक आरोपी के घर गिराने से बच्चों की safety सुरक्षा नहीं हो जाती। स्कूलों में साइबर awareness जागरूकता ज़रूरी है।
इस तरह के cases मामलों में तुरंत action कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन क्या सिर्फ बुलडोजर माफिया के खिलाफ ही चलेगा?
एक बात समझ नहीं आई — क्या अवैध निर्माण के नाम पर हर आरोपी के घर गिराए जाएंगे? या सिर्फ जब जनता का pressure दबाव होगा?
इन लड़कियों को आघात से निकलने में साल लग जाएंगे। क्या कोई counselling परामर्श का इंतजाम कर रहा है?
ये कोई एक आदमी का अपराध नहीं, ये पूरी एक system व्यवस्था की विफलता है। बच्चों के खिलाफ अपराधों में increase बढ़ोतरी क्यों?