पीएम मोदी ने लोगों से विकसित भारत के लिए नौ संकल्प लेने की अपील की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने new resolution ने देश के भावी विकास की दिशा में एक स्पष्ट public call की है। बुधवार को मांड्या, कर्नाटक में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने लोगों से विकसित भारत के लिए नौ सामूहिक commitment लेने को कहा। इनमें जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, स्वास्थ्य और सेवा के मुद्दे शामिल हैं। उनका मानना है कि ईमानदारी और दृढ़ determination के साथ ये कदम देश को तेजी से आगे बढ़ा सकते हैं।
मंदिर के उद्घाटन के अवसर पर मोदी ने आध्यात्मिकता और तकनीकी knowledge के संगम पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक दर्शन की गहराई और technical power दोनों में समृद्ध है। मठ की लगभग दो हजार साल पुरानी विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने नैतिक मूल्यों के माध्यम से समाज के guidance की आवश्यकता पर जोर दिया।
सरकार की ओर से चल रही public initiative जैसे आयुष्मान भारत को भी उन्होंने राष्ट्रीय तरक्की का हिस्सा बताया। उनके अनुसार, इस योजना से करोड़ों गरीबों को मुफ्त इलाज मिल रहा है। 70 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्ध नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया है ताकि उन्हें dignified service मिल सके।
पर्यावरण और सांस्कृतिक चेतना के बीच के link को उजागर करते हुए मोदी ने मोर संरक्षण को एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पक्षी मोर की रक्षा सिर्फ प्राकृतिक conservation तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भगवान सुब्रह्मण्यम से जुड़े हमारे सांस्कृतिक मूल्यों से भी जुड़ी है।
इस बीच, तमिलनाडु में प्रधानमंत्री ने election campaign के तहत एक बड़े रोड शो किया, जिसमें भारी public gathering ने भाग लिया। उन्होंने अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन के पक्ष में victory claim करते हुए द्रमुक पर हार की भविष्यवाणी की। यह कार्यक्रम राजनीतिक pressure बढ़ाने के साथ-साथ जनता के बीच विकास के संकल्प को भी फैलाने का माध्यम बना।
रोड शो में इतनी भीड़ देखकर लगता है कि public support जन समर्थन अच्छा है, लेकिन क्या ये संकल्प गांव-गांव तक पहुंचेंगे?
जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती के संकल्प तो बहुत अच्छे हैं, लेकिन government action सरकारी कार्रवाई कब शुरू होगी? बयानबाजी से ज्यादा कुछ चाहिए।
मोर संरक्षण को सांस्कृतिक मुद्दा बताना समझदारी है। इससे cultural pride सांस्कृतिक गर्व भी बढ़ेगा और प्रकृति की रक्षा भी होगी।
नौ संकल्प अच्छे हैं, लेकिन क्या ये real change वास्तविक बदलाव लाएंगे या सिर्फ एक और अभियान बनकर रह जाएंगे?
आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं वाकई असरदार हैं। बुजुर्गों के लिए healthcare access स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाना बहुत जरूरी था।
चुनावी समय पर इतने संकल्प? लगता है political timing राजनीतिक समय सही चुना गया है।