अमित शाह ने बंगाल में जनसभाओं में कहा: भ्रष्टाचार और हिंसा के बाद अब बैलेट से जवाब देंगे लोग
पश्चिम बंगाल के बोलपुर, बीरभूम और पश्चिम बर्धमान में public meetings को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने sharp criticism की कि तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य में भ्रष्टाचार, हिंसा और घुसपैठ का दौर चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि change की मांग बंगाल की जनता के दिल में बस चुकी है, और अब वे भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में strong governance , development और security के लिए तैयार हैं। शाह ने जनता से भाजपा को चुनकर एक decisive mandate देने का आह्वान किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के शासन में कट मनी और सिंडिकेट व्यवस्था ने आम नागरिकों को झुकाया है — जिसमें गरीबों को सीमेंट या ईंट खरीदने के लिए भी अतिरिक्त रुपये देने पड़ते हैं। उन्होंने वादा किया कि भाजपा की सरकार बनने के बाद ऐसे तंत्र के खिलाफ strict action की जाएगी। शाह ने illegal infiltration को रोकने के लिए बंगाल की सीमाओं पर 45 दिनों में बाड़ लगाने का भी commitment दोहराया।
शाह ने ममता बनर्जी सरकार पर corruption scandals के मामले में भी प्रहार किया, जिनमें शिक्षक भर्ती, मनरेगा और नगरपालिका भर्ती शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन घोटालों से गरीबों के hard-earned money छीना गया है, और भाजपा सरकार बनने के बाद इसकी investigation की जाएगी तथा recovery करके जनता को लौटाया जाएगा। उन्होंने टीएमसी पर आरोप लगाया कि वह घुसपैठियों को बचाने के लिए चुनाव आयोग के साथ असहयोग कर रही है।
सुरक्षा और women's safety को लेकर भी शाह ने महत्वपूर्ण वादे किए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में ऐसा वातावरण बनेगा जहां कोई लड़की रात में भी without fear के बाहर निकल सकेगी। उन्होंने टीएमसी की ओर से महिलाओं को शाम 7 बजे के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह पर shame जताई। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने और सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं के लिए निःशुल्क यात्रा जैसे वादे भी दोहराए।
आर्थिक सहायता के मोर्चे पर, शाह ने घोषणा की कि भाजपा सरकार महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने ₹3,000, बेरोजगार युवाओं को ₹3,000 प्रति माह, गर्भवती माताओं को ₹21,000 और बुजुर्गों, दिव्यांगों तथा विधवाओं को ₹2,000 प्रतिमाह देगी। उन्होंने चाय बागान श्रमिकों को भूमि का ownership बनाने और बंद पड़ी जूट मिलों को पुनर्जीवित करने का भी वादा किया।
शाह ने जनता को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि टीएमसी के गुंडे 23 अप्रैल को अपने घरों में रहें, अन्यथा 4 मई के बाद उनके खिलाफ targeted action की जाएगी। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब बम का जवाब ballot से और भय का जवाब trust से देगी।
₹3,000 महीने का वादा अच्छा लगा, लेकिन economic support आर्थिक सहायता वास्तविक रोजगार के साथ आएगी या सिर्फ नकद भाता?
ममता जी ने भी काम किया है, लेकिन public trust जन भरोसा कमजोर पड़ गया है। लोग अब हिंसा और भ्रष्टाचार से तंग हैं।
घुसपैठ का issue मुद्दा गंभीर है, लेकिन क्या बाड़ लगाने से समस्या खत्म होगी? सीमा सुरक्षा के लिए अधिक संसाधन चाहिए।
UCC लागू करना बड़ा decision फैसला होगा। क्या यह सभी समुदायों के लिए स्वीकार्य होगा? विरोध तो आएगा।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए free travel निःशुल्क यात्रा अच्छा कदम है, लेकिन पुलिस व्यवस्था और सीसीटीवी की जरूरत भी है।
शाह जी ने clear warning स्पष्ट चेतावनी दी है, लेकिन क्या वाकई कार्रवाई होगी? अब तक कई वादे हवा में लटके हैं।