खसरे के 21 मामले: क्या गाजियाबाद की स्वास्थ्य व्यवस्था फिसल गई?

गाजियाबाद की धूप तेज होती जा रही है, और उसके साथ ही खसरे का आउटब्रेक भी बेकाबू होता जा रहा है। अप्रैल के महीने के महज 24 दिनों में 21 मामले सामने आ चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विजयनगर इस बीमारी का hotspot बन गया है, जहां पांच से अधिक लोग संक्रमित पाए गए हैं। इसके अलावा शहीदनगर, डासना और पसौंडा में भी मामले बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास budget है, फिर भी वह इस तेजी से फैल रहे संक्रमण पर काबू नहीं पा पा रहा।

टीकाकरण सत्र हर हफ्ते छह दिन चलते हैं, लेकिन फिर भी नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों की संख्या बढ़ रही है। डॉ. जितेन्द्र कुमार, उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के मुताबिक, एक-एक मामले की monitoring की जा रही है और survey चल रहा है। 30 से अधिक संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट अभी भी लंबित है। यह स्थिति तब है जब डब्ल्यूएचओ की टीम भी team है और अतिरिक्त टीकाकरण सत्रों की तैयारी चल रही है।

गंभीर चिंता की बात यह है कि खसरे से संक्रमित दस से अधिक बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से कई की condition है। एक डेढ़ साल के बच्चे की मौत के बावजूद स्थानीय स्तर पर कोई ठोस action नहीं हुई। लोनी के राहुल गार्डन इलाके में पिछले महीनों में भी खसरे के सबसे अधिक मामले आए थे, जिसके बाद प्रभारी चिकित्साधिकारी को हटाया गया था और दो एएनएम की सेवाएं समाप्त की गई थीं। लेकिन ऐसा लगता है कि सबक नहीं लिया गया।

खसरा सिर्फ छोटे बच्चों तक सीमित नहीं रहा — बड़े बच्चे भी संक्रमित पाए जा रहे हैं। यह बताता है कि प्रतिरक्षा का स्तर आबादी में कमजोर है। विभाग का दावा है कि निगरानी जारी है, लेकिन जमीन पर response धीमी है। अब सवाल यह है कि क्या अतिरिक्त टीकाकरण सत्र पहले की तरह routine कार्यक्रम तक सीमित रहेंगे या असली आउटब्रेक नियंत्रण की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

हर एक टीका एक जान बचा सकता है, लेकिन अभी तक वह टीका उन तक नहीं पहुंच पा रहा जो सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं। जनता का भरोसा डगमगा रहा है, और विभाग की छवि पर सवाल उठ रहे हैं। ये संख्याएं — 21 मामले, 10 से अधिक भर्ती, 30 से ज्यादा जांच लंबित — सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की कहानी हैं। अब देखना यह है कि क्या अधिकारी समय रहते कार्रवाई कर पाएंगे।

प्रतिक्रियाएँ 8

  • सत्यवादी23

    एक बजट के बावजूद ये हालत? क्या सिर्फ paperwork पर ध्यान है?

  • ममता_माँ

    मेरा बच्चा अभी टीकाकरण नहीं करवाया, अब डर लग रहा है। क्या nearest session कब है?

  • डॉ_राजेश

    खसरा टीका उपलब्ध है, पर जागरूकता की कमी है। लोग लक्छनों को नजरअंदाज करते हैं।

  • चिंतित_नागरिक

    विजयनगर में रहता हूं। कोई official alert नहीं आई। क्या हम अकेले हैं?

  • सरकार_प्रेमी

    सरकार कुछ नहीं करती — ये बात तो पहले से पता थी।

  • विज्ञानप्रेमी

    टीकाकरण से ही सामूहिक प्रतिरक्षा बनती है। अब तक क्यों नहीं हुआ काम?

  • निरीक्षकजी

    जांच रिपोर्ट 20 दिन बाद आती है। क्या ये health system काम कर रही है?

  • उम्मीदवार

    अगले चुनाव में ये खसरा मुद्दा बनेगा।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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