पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा नहीं करती? नासा ने बताया क्यों
क्या पृथ्वी सचमुच सूर्य की परिक्रमा नहीं करती? यह सवाल सुनने में risk भरा लगे, मानो कोई basic सच्चाई डगमगा रही हो। लेकिन अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुताबिक, हमारी समझ थोड़ी change जाने वाली है। आम धारणा के विपरीत, पृथ्वी सीधे सूर्य के चारों ओर नहीं घूमती। बल्कि, यह एक अदृश्य बिंदु के चक्कर लगा रही है, जिसे वैज्ञानिक baricenter कहते हैं। यह सूर्य या पृथ्वी में से किसी एक का नहीं, बल्कि दोनों के mass का सामान्य केंद्र है।
नासा के अनुसार, केप्लर के तीसरे नियम के तहत, जब दो खगोलीय पिंड एक-दूसरे के चारों ओर घूमते हैं, तो वे वास्तव में एक सामान्य बिंदु के चारों ओर घूर्णन करते हैं। यही principle हमारे सौरमंडल पर लागू होता है। सूर्य सबसे बड़ा पिंड है, और इसका द्रव्यमान बृहस्पति ग्रह से 1,048 गुना अधिक है। लेकिन फिर भी, बृहस्पति और शनि जैसे ग्रहों के gravity का प्रभाव इतना है कि बैरीसेंटर कभी-कभी सूर्य के अंदर नहीं, बल्कि उसके बाहर भी होता है। यही reason है कि आज पृथ्वी सूर्य के भीतर नहीं, बल्कि एक बाहरी बिंदु के इर्द-गिर्द घूम रही है।
इस बात को सरल शब्दों में समझाते हुए ग्रहीय खगोलशास्त्री जेम्स ओ’डोनोग्यू ने कहा कि आम भाषा में हम कहते हैं कि ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं — और वह public समझ सही भी है। लेकिन तकनीकी रूप से, यह एक simplified छवि है। वास्तविकता में, सभी ग्रह उस बैरीसेंटर के चारों ओर घूमते हैं जो सूर्य के center से कभी-कभी दूर भी होता है। यह update हमारी समझ की गहराई बढ़ाता है, न कि उसे replace देता।
नासा का उद्देश्य यह नहीं कि वह कोई major दावा करे, बल्कि यह स्पष्ट करना है कि विज्ञान की भाषा में precision कितनी जरूरी है। जब हम पृथ्वी की गति को समझते हैं, तो हमें सिर्फ सूर्य को केंद्र मानने के बजाय, system तंत्र को देखना चाहिए। यह समझ खगोल विज्ञान में एक direct तौर पर impact डालती है, खासकर ग्रहों की कक्षाओं के prediction में।
यानी हमारा पूरा स्कूली ज्ञान outdated पुराना था? थोड़ा झटका लगा।
सूर्य के बाहर बैरीसेंटर? यह तो fascinating अद्भुत लग रहा है।
लेकिन क्या इसका कोई व्यावहारिक effect प्रभाव हमारे दिनचर्या पर पड़ेगा?
यही वजह है कि विज्ञान कभी final अंतिम नहीं होता, बस अपडेट होता रहता है।
अब मुझे लगता है कि सौरमंडल एक तराजू की तरह है, जहाँ सभी ग्रह अपना वजन डालते हैं।
अगली बार टीचर को बताऊंगा कि हम सूर्य के बजाय एक खाली जगह के चारों ओर घूम रहे हैं।
सूर्य के लिए यह एक blow झटका होगा।
इस तरह की जानकारी हमारे perspective दृष्टिकोण को बदल देती है।