महिला आरक्षण पर BJP को उसी की भाषा में जवाब देगी कांग्रेस, पूरे देश में महिला नेताओं को मिली ये जिम्मेदारी
नई दिल्ली: महिला आरक्षण विधेयक के लोकसभा में गिर जाने के बाद राजनीतिक tension तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके एनडीए सहयोगी विपक्षी दलों पर blame लगा रहे हैं कि उनके कारण महिलाओं को विधायिका में 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिल पाया। पूरे देश में बीजेपी की महिला नेताएं विरोध-प्रदर्शन कर रही हैं, जहां उन्होंने public outrage मार्च निकाले और प्रेस कॉन्फ्रेंस किए। इस प्रतिक्रिया की खास बात यह है कि पार्टी ने स्पष्ट रूप से महिलाओं को आगे रखा है, ताकि demand का संदेश और भी मजबूत हो।
अब कांग्रेस भी BJP की रणनीति के खिलाफ counter-attack करने जा रही है। पार्टी ने 25 शहरों में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस का फैसला किया है, जहां उसकी प्रमुख महिला नेताएं बयान देंगी। चंडीगढ़ से कुमारी सैलजा, दिल्ली से शोभा ओजा, मुंबई से अमी याग्निक और पटना से दीपिका पांडे सहित कई नेत्री पार्टी की रुख को clarify करेंगी। यह न केवल एक संदेश है, बल्कि एक रणनीतिक कदम भी है — अब कांग्रेस चाहती है कि लोगों को पता चले कि वह support करती है, न कि विरोध।
इस पूरी योजना के पीछे प्रियंका गांधी के भाषण और सोनिया गांधी के लेख को केंद्र में रखा गया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ऑनलाइन बैठक कर सभी नेताओं को निर्देश दिए कि वे प्रियंका गांधी के speech को आम जनता तक पहुंचाएं। पार्टी का मानना है कि बीजेपी के आरोप गलत हैं और वास्तविकता यह है कि कांग्रेस लंबे समय से महिला आरक्षण की वकालत करती रही है।
इस बीच, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर सीधे निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल महिलाओं की राजनीतिक आकांक्षाओं के खिलाफ celebrated मना रहे हैं। उनका आरोप था कि मेजें थपथपाकर और गर्व से मुस्कुराकर कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ कदम उठाया। कांग्रेस का इस पर पलटवार अब इस बहस को और गहराने वाला है।
इस पूरी घटना से साफ है कि महिला आरक्षण का मुद्दा सिर्फ एक विधेयक नहीं रह गया है — यह अब एक political battle बन चुका है। दोनों पार्टियां अपने-अपने तरीके से public opinion को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं। आम नागरिक के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी पार्टी अपनी कहानी बेहतर तरीके से बाजार में ले जा पाती है।
स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस ने जश्न मनाया? वो कौन-सा incident घटनाक्रम था? क्या कोई वीडियो है? मैंने तो कुछ नहीं देखा।
बीजेपी अब महिलाओं को आगे कर रही है, लेकिन क्या उन्हें असली power ताकत भी दी जाती है? या बस फोटो ऑपर्च्युनिटी के लिए?
कांग्रेस ने इतने शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का फैसला किया — यह strategy रणनीति बुद्धिमत्तापूर्ण लग रही है।
एक ही मुद्दे पर दोनों पार्टियां इतना शोर मचा रही हैं। लेकिन actual impact वास्तविक प्रभाव क्या होगा? क्या महिलाओं को फायदा मिलेगा?
सोनिया और प्रियंका गांधी के बयानों को आगे बढ़ाना — यह बहुत स्मार्ट move चाल है।
क्या आम महिलाओं को इस बहस से कोई direct benefit सीधा लाभ मिलेगा? या यह सिर्फ एक और राजनीतिक खेल है?
महिला आरक्षण बिल गिर गया तो बीजेपी सड़कों पर आ गई? अगर इतना passion जुनून था, तो संसद में क्यों नहीं लड़ा?