कांग्रेस को लोकसभा में सिर्फ गांधी परिवार की महिलाएं चाहिए, दिल्ली CM रेखा गुप्ता का विपक्ष पर हमला

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक के पारित न होने पर deep disappointment व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के 78 वर्ष बाद भी देश की महिलाओं को उचित representation नहीं मिला। लोकसभा और विधानसभाओं में पहुंचने के लिए महिलाएं लंबे समय से संघर्ष कर रही हैं, लेकिन विपक्ष के नेताओं ने इस महत्वाकांक्षी विधेयक को रोककर democracy की बजाय अपने हितों को प्राथमिकता दी।

एक प्रेसवार्ता में उन्होंने तंज किया कि वे लड़कियां जो लड़ सकती हैं का नारा लगाती हैं, उन्होंने इस historic अवसर के सामने भाग लेने के बजाय पीछे हट लिया। उन्होंने सवाल पूछा: "बेटियों के स्वाभिमान की हार में victory कैसे हो सकती है?" उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को उम्मीद थी कि सभी दल महिलाओं के अधिकार के मुद्दे पर एकजुट होंगे, लेकिन विपक्ष ने support नहीं दिया।

गुप्ता ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने बिना परिसीमन के आरक्षण का विरोध करते हुए पुराने excuses दोहराए। उन्होंने तर्क दिया कि 2023 के विधेयक में जो प्रावधान थे, वही इस बार भी थे, फिर विरोध क्यों? उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए formula को सर्वश्रेष्ठ बताया, जिसमें महिलाओं को आरक्षण मिलता और पुरुषों की सीटों पर भी कोई threat नहीं होता।

उन्होंने कांग्रेस पर सीधा attack करते हुए कहा कि पार्टी ने महिलाओं को केवल vote bank के रूप में देखा। उन्होंने तंजिया सवाल किया कि क्या कांग्रेस को लोकसभा में सिर्फ गांधी परिवार की महिलाएं चाहिए? इसी तरह समाजवादी पार्टी को सिर्फ मुलायम सिंह के परिवार की महिलाएं चाहिए।

गुप्ता ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी की योजनाएं महिलाओं के आसपास केंद्रित हैं, जिससे उनके प्रति महिलाओं का trust और affection बढ़ रहा है। विपक्ष इसी rising support से डरता है। विधायक शिखा राय ने भाजपा के प्रति महिला सशक्तिकरण के रुख को उदाहरण बताया और रेखा गुप्ता के मुख्यमंत्री बनने को इसका सबूत कहा।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • सुधा_मथुरा

    इस बहाने सरकार ने वास्तविक policy failure छिपाने की कोशिश की। महिलाओं के साथ खेला जा रहा राजनीतिक खेल साफ दिख रहा है।

  • अर्जुन_नोएडा

    सच तो यह है कि दोनों पक्ष ही महिलाओं का symbolic use कर रहे हैं। असली बदलाव के लिए अभी बहुत कुछ करना है।

  • प्रियंका_जयपुर

    गांधी परिवार का नाम लेकर पूरे विपक्ष पर हमला बेमतलब है। क्या भाजपा में संतानों को मौका नहीं मिला? पखंड सबको दिख रहा है।

  • विक्रम_लखनऊ

    30 साल के संघर्ष की बात करते हैं, लेकिन जब सत्ता में होते हैं तो विधेयक लाते क्यों नहीं? समय का सवाल गहरा है।

  • माया_इलाहाबाद

    महिला आरक्षण के नाम पर राजनीति करना बंद करो। हमें real power चाहिए, नारों नहीं।

  • राघव_दिल्ली

    विपक्ष के पास भी कोई clear alternative नहीं था। बस विरोध करना लोकतंत्र नहीं है।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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