अमेरिकी: ट्रम्प का मनोभ्रंश गहरा गया है; पागलपन भरे वाक्यों से लेकर गालियों और धमकियों तक
डोनाल्ड ट्रम्प के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल में व्हाइट हाउस में रहे वरिष्ठ सलाहकार former advisor टाई कॉब ने चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प का mental state गंभीर रूप से बिगड़ गई है, जिसमें cognitive decline और भाषण में सीमितता शामिल है। कॉब का कहना है कि ट्रम्प अब भ्रमित और स्तब्ध हैं, उनकी शब्दावली सिमट गई है, और वे बार-बार गालियों और धमकियों का उपयोग करते हैं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ट्रम्प के व्यवहार में अप्रत्याशितता बढ़ी है। वे बिना सोचे-समझे कार्य करते हैं और अपने impulsive actions पर कोई नियंत्रण नहीं रखते। कॉब ने एक चिंताजनक बात यह भी कही: ट्रम्प सुबह 4 बजे rambling statements जारी करते हैं, जबकि दिन में कैबिनेट बैठकों के दौरान falling asleep हैं — यह एक क्लासिक लक्षण है dementia का।
इस बीच, मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज़ ने भी ट्रम्प के नेतृत्व को असमझदार और अप्रत्याशित बताया है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प ने अमेरिका को युद्ध में धकेल दिया, बिना किसी स्पष्ट उद्देश्य, बिना निकास योजना के, और बिना किसी वास्तविक immediate threat के। यह आरोप राष्ट्रपति की वैदेशिक नीति के प्रति बढ़ती public concern को दर्शाता है।
इस तरह के खुले आरोप अमेरिकी राजनीति में दुर्लभ हैं, खासकर जब वे एक पूर्व व्हाइट हाउस अंदरूनी द्वारा लगाए गए हों। यह न केवल ट्रम्प के निजी स्वास्थ्य पर सवाल उठाता है, बल्कि एक global superpower के नेतृत्व की stability पर भी प्रकाश डालता है। जब एक राष्ट्रपति के निर्णय impulsive और भावुक हों, तो उसके अंतरराष्ट्रीय consequences गहरे हो सकते हैं।
अमेरिका के भीतर ही अब यह बहस तेज हो रही है कि क्या एक बुजुर्ग नेता, जो advanced age में है, अभी भी इतने जटिल पद के लिए कार्य के लिए उपयुक्त है। ट्रम्प के समर्थक इन आरोपों को राजनीतिक प्रचार कहते हैं, लेकिन आलोचकों का कहना है कि national security को जोखिम में नहीं डाला जा सकता। यह केवल एक चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि एक वैश्विक governance की चुनौती बन गई है।
अगर ये बातें सच हैं, तो यह सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, पूरी दुनिया की public safety जन सुरक्षा की बात है।
क्या कोई भी चिकित्सकीय प्रमाण है? या यह सब सिर्फ political attack राजनीतिक हमला है?
सुबह 4 बजे ट्वीट्स और दोपहर में सोते हुए — यह classic symptom क्लासिक लक्षण वाकई डरावना है।
हर बुजुर्ग नेता को dementia मनोभ्रंश का आरोप लगाना उचित नहीं। उम्र के आधार पर निर्णय करना आयुभेद है।
जब कोई nuclear codes परमाणु कोड हाथ में हो, तो mental fitness मानसिक फिटनेस पर सवाल उठना लाजिमी है।
ये सब बातें तब आती हैं जब चुनाव पास होते हैं। क्या यह timing समय सिर्फ संयोग है?
ट्रम्प के व्यवहार में बदलाव है, लेकिन क्या यह personality व्यक्तित्व है या बीमारी? यह fine line सूक्ष्म रेखा है।
राजनीति में नैतिकता कहाँ गई? एक former colleague पूर्व सहयोगी का ऐसा बयान — यह दर्दनाक है।