परिसीमन बिल पर स्टालिन का हमला: 'बीजेपी आग से खेल रही है'

बुधवार को डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन ने अपने सांसदों को strongly संसद में परिसीमन संशोधन बिल का विरोध करने का निर्देश दिया। स्टालिन ने कहा कि यह बिल तमिलनाडु और दक्षिणी राज्यों के साथ एक historic injustice है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आग से खेल रही है, और विंध्य के दक्षिण में हर दक्षिण भारतीय नागरिक anger उबल रहा है।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर केंद्र तमिलनाडु की आवाज को नजरअंदाज करता है, तो सरकार को भारी कीमत चुकानी होगी। स्टालिन ने कहा, 'हमारे सिर पर लटकी तलवार अब हम पर आ गिरी है'। यह threat न केवल तमिलनाडु के लिए है, बल्कि सभी राज्यों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए है।

स्टालिन ने बताया कि डीएमके सभी राज्यों के सांसदों के साथ coordinated strategy बनाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि यह लड़ाई पार्टियों या नेताओं के बारे में नहीं है, बल्कि आम जनता के rights की रक्षा के बारे में है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की।

नए प्रस्ताव के अनुसार, भविष्य में परिसीमन की प्रकृति में बदलाव हो सकता है। अब तक संविधान के तहत हर जनगणना के बाद delimitation किया जाता था, लेकिन नए बिल में इस व्यवस्था को समाप्त करने की बात कही गई है। इस बदलाव के कारण दक्षिणी राज्यों को representation में कमी का डर है।

16 अप्रैल को पूरे तमिलनाडु में विरोध के तौर पर घरों और सार्वजनिक स्थानों पर काले झंडे लगाए जाएंगे। स्टालिन ने कहा कि यह सिर्फ एक राज्य का मुद्दा नहीं है, बल्कि संघीय भावना पर होने वाला direct attack है। उन्होंने बीजेपी को साफ तौर पर warning दी कि आग से खेलने के परिणाम खतरनाक हो सकते हैं।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • दक्षिण_आवाज

    अगर जनसंख्या के आधार पर representation नहीं मिलेगा, तो दक्षिण की आवाज धीरे-धीरे दब जाएगी। यह सिर्फ तमिलनाडु का नहीं, पूरे दक्षिण का सवाल है।

  • लोकतंत्र_की_राह

    स्टालिन ने सही कहा — यह democracy के सिद्धांतों पर हमला है। केंद्र को छोटे राज्यों की चिंता समझनी चाहिए, न कि उन्हें नजरअंदाज करना।

  • राजनीति_तथ्य

    जो लोग कहते हैं कि यह ड्रामा है, वे भूल जाते हैं कि federal balance के लिए यह लड़ाई जरूरी है।

  • चिंतित_नागरिक

    क्या केंद्र वाकई नहीं जानता कि ऐसे फैसले से public anger बढ़ेगा? यह सिर्फ तमिलनाडु नहीं, पूरे देश के लिए खतरनाक है।

  • तमिल_गौरव

    हमने देश की progress में हमेशा योगदान दिया है। क्या इसी की सजा है कि हमारी बात नहीं सुनी जा रही?

  • सच्ची_बात

    इस बिल के पीछे का real motive क्या है? सिर्फ परिसीमन नहीं, बल्कि ताकत का पुनः वितरण है।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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