होर्मुज से नाकेबंदी नहीं हटेगी', ईरान के साथ दूसरे वार्ता से पहले ट्रंप का बयान, लड़ाई शुरू करने की धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि जब तक ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होता, the blockade होर्मुज़ जलडमरूमध्य से नहीं हटाई जाएगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान में दूसरे दौर की वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रंप ने कहा कि नाकेबंदी ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी प्रभाव छोड़ रही है, और अमेरिका को इस दबाव में स्पष्ट advantage मिल रहा है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि बुधवार शाम को सीजफायर की समयसीमा समाप्त हो रही है, और अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो fighting तुरंत फिर से शुरू हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि बहुत सारे bombs फिर से गिरेंगे, खासकर ईरानी बंदरगाहों और सैन्य स्थलों पर। यह दो हफ्ते का युद्धविराम 8 अप्रैल को लागू हुआ था, लेकिन इसे आगे बढ़ाने की possibility कम है।

इस बीच, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, वाइट हाउस दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं, इस्लामाबाद के लिए रवाना हो चुका है। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के शीर्ष नेताओं से मिलने में no issue नहीं महसूस करते। हालाँकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि बातचीत में शामिल होने की फिलहाल plan नहीं है।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने कहा कि वे अल्टीमेटम के जरिए बातचीत के खिलाफ हैं और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए दबाव स्वीकार नहीं करेंगे। यह tension ऐसे समय है जब दुनिया भर के तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर होर्मुज़ जलडमरूमध्य का सीधा impact है। कई देश चिंतित हैं कि यदि संघर्ष फिर शुरू हुआ तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा संकट आ सकता है।

इस्लामाबाद में वार्ता की तैयारी चल रही है, लेकिन ईरान के unclear stance ने प्रक्रिया को धीमा कर दिया है। अमेरिका ने पहले भी 11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान में ईरान के साथ सीधी बातचीत की थी, जिसमें तेल निर्यात और सैन्य गतिविधियों पर चर्चा हुई थी। अब यह देखना होगा कि क्या दूसरे दौर में वार्ता वास्तव में शुरू हो पाती है या अमेरिकी धमकी के बाद संघर्ष वापस लौटता है।

प्रतिक्रियाएँ 7

  • सुरक्षा_विश्लेषक

    अगर नाकेबंदी जारी रही तो तेल की global price में उछाल आएगा, भारत जैसे आयातक देशों पर भारी प्रभाव पड़ेगा।

  • नीति_सख्त

    ट्रंप बार-बार threat दे रहे हैं, लेकिन क्या वास्तव में बमबारी शुरू करना अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उचित होगा?

  • दिल्ली_वाला

    हमारी अर्थव्यवस्था पर इसका direct impact पड़ेगा, खासकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में।

  • पाकिस्तान_दोस्त

    पाकिस्तान को बीच में रखकर बातचीत करवाने का move तो दिलचस्प है, लेकिन ईरान क्यों सहमत नहीं हो रहा?

  • विश्वजीत

    अमेरिका कह रहा है कि नाकेबंदी से उसे strategic advantage मिल रहा है, लेकिन क्या यह लंबे समय तक चल पाएगा?

  • अनुराग_मिश्रा

    ईरान के प्रवक्ता ने सही कहा — अल्टीमेटम में विश्वास नहीं। कूटनीति में pressure काम नहीं करता, बातचीत करनी पड़ती है।

  • रेहान

    क्या ट्रंप सच में बमबारी शुरू करेंगे या बस political statement दे रहे हैं?

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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