हथियार उठाने के लिए तैयार, ईरान ने होर्मुज को लेकर दी फिर से धमकी - ईरान ने लड़ाकू इकाई बनाने की घोषणा की
ईरान ने फिर से fresh threat दी है कि अगर अमेरिका ने अपने sanctions और नाकेबंदी जारी रखी, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वैश्विक shipping को रोक देगा। ईरानी संसद के उपाध्यक्ष हामिदरेजा हाजीबाबाई ने साफ कहा कि वे और अन्य सांसद अब combat unit के रूप में तैयार हैं और हथियार उठाने के लिए ready हैं।
इस जलडमरूमध्य के माध्यम से दुनिया के करीब एक-तिहाई तेल का transport होता है, जिसके कारण यह अंतरराष्ट्रीय trade के लिए अत्यंत strategic महत्व रखता है। ईरानी नौसेना ने हाल में जहाजों पर fired , जिससे तनाव और बढ़ गया। यह कदम तब आया जब अमेरिका ने घोषणा की कि वह ईरानी बंदरगाहों पर blockade पूरी ताकत से जारी रखेगा।
इस बीच, पाकिस्तान की मध्यस्थता में चल रही कूटनीतिक कोशिशों को भारी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। दोनों ओर की escalation ने युद्धविराम के भविष्य पर serious doubts खड़े कर दिए हैं। ईरान ने पहले होर्मुज को खोलने का ऐलान किया था, लेकिन अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में वापस restrictions लगा दीं।
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघर गालिबफ ने warned दी कि जब तक ईरान को access नहीं मिलेगी, तब तक दूसरों का गुजरना असंभव होगा। उन्होंने कहा कि तेहरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर व्यापारिक जहाजों के movement को रोकने से नहीं चूकेगा। यह posture वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए खतरे का संकेत है।
विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे कदम न केवल क्षेत्रीय stability को चुनौती देते हैं, बल्कि वैश्विक markets में अस्थिरता को भी बढ़ा सकते हैं। अगर यह जलडमरूमध्य बंद रहा, तो तेल की कीमतें तेजी से rise सकती हैं और आपूर्ति श्रृंखलाएं टूट सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय community की नजर अब इस महत्वपूर्ण बिंदु पर tightly टिकी हुई है।
अगर यह जलडमरूमध्य बंद हुआ, तो global economy वैश्विक अर्थव्यवस्था पर कितना impact प्रभाव पड़ेगा?
ईरान का response जवाब अमेरिका के pressure दबाव के खिलाफ स्पष्ट है, लेकिन क्या यह तरीका effective प्रभावी होगा?
सांसदों का combat unit लड़ाकू इकाई में शामिल होना unusual असामान्य है। क्या यह symbolic प्रतीकात्मक है या असली योजना?
अमेरिका भी अपनी blockade नाकेबंदी जारी रख रहा है। दोनों तरफ की जिद तो बस बातचीत को और harder मुश्किल बना रही है।
ईरान ने जहाजों पर fired गोलीबारी की। यह सिर्फ धमकी नहीं, बल्कि direct action सीधी कार्रवाई है।
पाकिस्तान की mediation मध्यस्थता का क्या chance मौका है जब दोनों तरफ escalation तनाव बढ़ रहा है?