पेंशन रुकी, इलाज महंगा: ठाकुर का सुक्खू सरकार पर स्वास्थ्य अभियान
हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और pension व्यवस्था को लेकर राजनीतिक तूफान उठ खड़ा है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मौजूदा सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें delay से भुगतान, medical देखभाल में खामियां और नीतिगत फैसलों की अनदेखी शामिल है। उनका कहना है कि अप्रैल महीना खत्म होने वाला है, लेकिन HRTC के pensioner को अब तक उनका पैसा नहीं मिला। नियम के अनुसार, पेंशन हर महीने 15 तारीख तक जारी होनी चाहिए, लेकिन लगातार इसका उल्लंघन हो रहा है।
इस financial विलंब के पीछे सिर्फ एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की दिनचर्या डगमगाने का संकट छिपा है। विशेषकर, जहां पेंशन dependent परिवार शादी-ब्याह के मौसम में खर्च उठा रहे हैं, वहां यह देरी और भी कठिन हो जाती है। ठाकुर ने बताया कि पेंशनर्स ने कई बार government और मंत्रियों से संपर्क किया, लेकिन हर बार सिर्फ assurance मिला। कोई action नहीं हुई।
लेकिन सिर्फ पैसों की बात नहीं है। medical बिलों का भुगतान पिछले तीन साल से अटका हुआ है। बुजुर्ग मरीजों को इलाज के लिए borrow लेना पड़ रहा है या फिर इलाज को delay पड़ रहा है। यह सिर्फ बजट की बात नहीं, बल्कि एक मानवीय संकट है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं के फैसले भी चर्चा का विषय बने हैं।
जैसे कमला नेहरू अस्पताल से गायनी विभाग को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट करने का फैसला। ठाकुर का आरोप है कि यह बिना पर्याप्त preparation और मांग के किया गया। रोजाना सैकड़ों महिलाओं को दो अस्पतालों के बीच confusion पड़ रहा है। एक महिला के ऑपरेशन के बाद टांके खुल जाने की घटना ने इस अव्यवस्था को और उजागर किया। नए स्थान पर अभी तक special वार्ड या पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं।
और सबसे बड़ा सवाल: क्या यह सब रोबोटिक सर्जरी मशीन के उपयोग को सही साबित करने के लिए किया जा रहा है? ठाकुर का दावा है कि 11 मार्च से अब तक एक भी robotic सर्जरी नहीं हुई। लेकिन पहले जहां सर्जरी free थी, अब 30,000 रुपये तक का fee लिया जा रहा है। दवाओं की कमी, निजी लैब्स की ओर धकेला जाना — यह सब आम आदमी के विश्वास पर हमला है।
सच बोला जयराम जी ने। बुजुर्गों की pension पेंशन में देरी नफरत के लायक है।
मेरे पिता भी HRTC के पेंशनर हैं। तीन साल से मेडिकल बिल अटके हैं। इसे अन्याय नहीं तो और क्या है?
रोबोटिक सर्जरी के नाम पर शुल्क बढ़ाना और कोई surgery सर्जरी न होना — यह सिर्फ दिखावा है।
महिलाओं को दो अस्पतालों के बीच भेजना अमानवीय है। क्या government सरकार ने कभी महिला मरीज के संघर्ष को देखा है?
राजनीति छोड़ो। अगर आरोप सच हैं, तो तुरंत एक्शन लो।
नए विभाग में न तो स्टाफ है, न सुविधा। कैसे काम चलेगा? यह योजना बिना planning योजना के है।
मैंने 35 साल सरकार की सेवा की। आज बीमारी में भी दवा खरीदने के पैसे नहीं। क्या यही इनाम है?
सुक्खू जी, जनता नहीं भूलती। पेंशन और इलाज — यह basic मूलभूत अधिकार हैं।