संजू सैमसन ने जसप्रीत बुमराह को पछाड़ा, जीता ICC का ये बड़ा अवॉर्ड
मार्च महीने में सबसे ज्यादा impact छोड़ने वाले खिलाड़ी का ताज संजू सैमसन के सिर पर है। आईसीसी ने उन्हें प्लेयर ऑफ द मंथ के पुरस्कार से सम्मानित किया है, जहां उन्होंने भारत के जसप्रीत बुमराह और साउथ अफ्रीका के कॉनर एस्टरहुइजन को पीछे छोड़ा। यह जीत केवल आंकड़ों की कहानी नहीं, बल्कि एक ऐसे खिलाड़ी की लगातार वापसी की कहानी है जो शुरूआत में टीम में जगह बनाने से चूक गए थे।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के सफर में सैमसन ने सबसे अहम role निभाई। पहले मैचों में उन्हें मौका नहीं मिला, लेकिन जैसे ही टीम में जगह मिली, उन्होंने opportunity को पकड़कर अपनी छाप छोड़ दी। सुपर-8 में जिम्बाब्वे के खिलाफ नाबाद 24 रन की पारी ने तो बस आगाज किया, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ नॉकआउट मैच में नाबाद 97 रन बनाकर उन्होंने टीम को आगे बढ़ाया। यह पारी संयम और हमले के बीच सही balance की मिसाल थी।
सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ वानखेड़े में उनकी 89 रन की पारी ने भारत को strong position में पहुंचाया। उच्च स्कोरिंग मैच में भी उनकी बल्लेबाजी ने टीम को निर्णायक लाभ दिलाया। फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ फिर 89 रन बनाकर उन्होंने टीम को खिताब जीतने में crucial contribution दिया। लगातार बड़े मैचों में इस तरह का प्रदर्शन केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि mental strength का भी संकेत देता है।
मार्च के दौरान सैमसन ने 3 पारियों में 275 रन बनाए, जिसमें उनका औसत 137.50 और strike rate 199.38 रहा। पूरे टूर्नामेंट में 5 मैचों में 321 रन बनाकर उन्होंने साबित किया कि वह न केवल तेज बल्लेबाज हैं, बल्कि उच्च pressure वाले मैचों में भी टीम का नेतृत्व कर सकते हैं। बुमराह की शानदार गेंदबाजी के बावजूद, सैमसन की बल्लेबाजी ने पूरे match का रुख बदल दिया।
महिला क्रिकेट में न्यूजीलैंड की अमेलिया केर को मार्च का award मिला। लेकिन पुरुष श्रेणी में सैमसन की कहानी अलग थी — एक ऐसे खिलाड़ी की, जिसने नकारात्मकता को चुनौती में बदल दिया और अपनी performance से दुनिया को जवाब दिया। यह जीत सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि लगातार मेहनत का recognition है।
बुमराह को छोड़कर सैमसन को चुनना सही फैसला था। उनकी consistency लगातार कामयाबी ने फैसला आसान बना दिया।
शुरू में प्लेइंग इलेवन में न होना उनके लिए ज्यादा motivation प्रेरणा बन गया। यही तो असली क्रिकेट है।
आखिरकार किसी बल्लेबाज को मान्यता मिली। गेंदबाजी अच्छी थी, लेकिन game-changer गेम-चेंजर तो वही था।
321 रन सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि trust भरोसे की बात है। अब वह नियमित होंगे।
फाइनल में 89 रन? एक बार फिर वही pattern पैटर्न। अगला मैच देखते हैं।
महिला क्रिकेट में अमेलिया केर भी शानदार थीं, लेकिन सैमसन का momentum मोमेंटम इस महीने सबसे ऊपर था।