US-ईरान संघर्ष: ट्रंप ने बढ़ाया सीजफायर, पर जारी रहेगी नाकाबंदी, अब ईरान के प्रस्ताव की प्रतीक्षा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ceasefire को बढ़ाते हुए घोषणा की है कि अमेरिका-ईरान तनाव में आगे की कोई military action तब तक नहीं होगी, जब तक ईरान एक एकीकृत प्रस्ताव पेश नहीं कर देता। ट्रंप ने कहा कि यह निर्णय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की अपील के बाद लिया गया है, जो कूटनीति के माध्यम से संकट का peaceful resolution चाहते हैं। ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि ईरानी सरकार आंतरिक तौर पर बिखरी हुई है, और इस संदर्भ में सैन्य हस्तक्षेप टालकर बातचीत के लिए जगह बनाई जा रही है।

हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ economic pressure जारी रहेगा। उन्होंने अमेरिकी सेना को निर्देश दिए हैं कि ईरानी बंदरगाहों पर blockade जारी रखी जाए और सभी सैन्य मोर्चों पर तैयार रहा जाए। उन्होंने कहा, 'हम सीजफायर को तब तक बढ़ा रहे हैं जब तक चर्चा पूरी नहीं होती, लेकिन ब्लॉकेड बंदरगाहों को लेकर कोई compromise नहीं होगा।'

इस घोषणा पर ईरान के संसद अध्यक्ष के सलाहकार ने तीखी criticism की है। उन्होंने कहा कि सीजफायर का विस्तार अमेरिका की एक रणनीति है जिससे वह और समय जुटा सके। उन्होंने नाकाबंदी को युद्ध की कार्रवाई बताया और इसका सैन्य स्तर पर जवाब देने की मांग की। उनका कहना था कि 'हारने वाला पक्ष शर्तें नहीं थोप सकता,' जो अमेरिकी posture के प्रति ईरान के अविश्वास को दर्शाता है।

इससे पहले, उपराष्ट्रपति जेडी वैंस की इस्लामाबाद यात्रा को स्थगित कर दिया गया था क्योंकि तेहरान ने अभी बातचीत जारी रखने में interest नहीं दिखाई। यह संकट फरवरी के अंत में शुरू हुआ था, जिसके बाद 8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता में दो हफ्ते का सीजफायर लागू हुआ था। वह मूल रूप से 22 अप्रैल को खत्म होना था, लेकिन अब इसे आगे बढ़ा दिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संकट का impact ऊर्जा बाजारों और क्षेत्रीय स्थिरता पर स्पष्ट दिख रहा है। अमेरिका की ओर से सीजफायर का विस्तार, लेकिन नाकाबंदी को बरकरार रखना, एक diplomatic pressure की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, ईरान की ओर से लचीलापन दिखाने में आनाकानी और आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता के बीच, अगले कुछ दिन इस crisis की दिशा तय कर सकते हैं।

प्रतिक्रियाएँ 7

  • सरदारजी

    नाकाबंदी जारी रखना economic warfare है, सीजफायर का नाटक बेकार है।

  • प्रियंका23

    पाकिस्तान की मध्यस्थता अच्छी बात है, लेकिन क्या ईरान सच में बातचीत करना चाहता है? doubt है।

  • जयवीर

    ट्रंप सिर्फ समय खरीद रहे हैं, ये tactic साफ है।

  • अनामिका

    ईरान के सलाहकार का बयान बहुत आक्रामक था, क्या वाकई military response देंगे?

  • नीरजवत्स

    ऊर्जा कीमतें बढ़ेंगी, इसका direct cost आम आदमी उठाएगा।

  • मुकेशवाला

    अमेरिका नाकाबंदी को बल के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है, बातचीत में।

  • साक्षीमलिक

    क्या पाकिस्तान वाकई तटस्थ है? या ये भी strategic interest है?

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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